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कानपुर: छात्रा की अश्लील क्लिप बनाने वाला दूसरा कौन!
उन्नाव/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2013 11:50 AM IST
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सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में स्नातक छात्रा की अश्लील क्लिप बनाने वाला मुख्य आरोपी तो 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, लेकिन घटना में एक और युवक के शामिल होने की चर्चाएं हैं।
पीड़िता के पिता का कहना है कि उसकी बेटी को जबरन कमरे में बंधक बनाकर अश्लील क्लिप बनाई गई। आरोपी के पिता एवं स्कूल प्रबंधक वीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि उसका बेटा बेकसूर है। उधर आरोपी ने धमकाया है कि जेल से छूटने के बाद वह कई खुलासे करेगा।
वीडियो क्लिप में छात्रा की अश्लील एमएमएस बनाने में आरोपी के अलावा एक और भी युवक शामिल है। बड़ा सवाल चर्चाओं में है कि क्लिप बनाने वाला दूसरा शख्स कौन है। क्लिप बनाने वाले ने अपने चेहरे को कैमरे में आने से बचाया है। सफीपुर कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह ने बताया कि पूरे मामले की तफ्तीश चल रही है। घटना में जो लोग भी शामिल होंगे, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़िता के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी को जबरन कमरे में बंधक बनाकर अश्लील वीडीओ क्लिप बनाई गई। इसके बाद क्लिप सार्वजनिक करने की धमकी देकर महीनों से शोषण किया जा रहा था। परेशान होकर जब उसकी बेटी ने घर से निकलना बंद कर दिया तो आरोपी ने वीडियो क्लिप सार्वजनिक कर दी।
उधर, आरोपी युवक के पिता का कहना है कि उसका बेटा बेकसूर है। उसने किसी दोस्त से मिली क्लिप को अपने मोबाइल पर लेकर दूसरे दोस्तों के मोबाइल पर भेजा था। राजनीतिक साजिश के तहत दबाव डाल कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी स्वप्निल का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह कई खुलासे करेगा।
बदनाम हुए स्कूल से टीचरों ने की तौबा
एमएमएस कांड में स्कूल प्रबंधक के पुत्र का नाम आने के बाद बदनामी के डर से स्कूल की टीचरों ने तौबा कर ली है। नाम न छापने की शर्त पर आधा दर्जन टीचरों ने बताया कि अब वह इस स्कूल नहीं जाएंगी।
सपा में किसी पद पर नहीं है : नगर अध्यक्ष
समाजवादी पार्टी के सफीपुर नगर अध्यक्ष कलीम अहमद ने एमएमएस कांड के आरोपी स्वप्निल मिश्रा के पार्टी का नगर सचिव न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि स्वप्निल किसी पद पर नहीं है वह सिर्फ पार्टी का कार्यकर्ता है। स्वप्निल द्वारा अपनी गाड़ी पर नगर सचिव लिखा होने के सवाल पर उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों लिखवाया उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
मान्यता पांच तक, पढ़ाई आठ तक
कसबा स्थित शारदा शिशु मंदिर की बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता तो सिर्फ कक्षा पांच तक की है मगर करीब चार साल से कक्षा अठ तक की कक्षाएं संचालित हैं।
जानकारी होने पर यहां पढ़ रहे छात्रों के अभिभावकों ने विरोध शुरू कर दिया है। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि वह स्वयं जांच करेंगे और अनियमितता मिली तो मान्यता रद्द कर दी जाएगी। स्कूल प्रबंधक वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि कक्षा आठ की मान्यता के लिए जमा फाइल शिक्षा विभाग में लंबित है।
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पीड़िता के पिता का कहना है कि उसकी बेटी को जबरन कमरे में बंधक बनाकर अश्लील क्लिप बनाई गई। आरोपी के पिता एवं स्कूल प्रबंधक वीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि उसका बेटा बेकसूर है। उधर आरोपी ने धमकाया है कि जेल से छूटने के बाद वह कई खुलासे करेगा।
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वीडियो क्लिप में छात्रा की अश्लील एमएमएस बनाने में आरोपी के अलावा एक और भी युवक शामिल है। बड़ा सवाल चर्चाओं में है कि क्लिप बनाने वाला दूसरा शख्स कौन है। क्लिप बनाने वाले ने अपने चेहरे को कैमरे में आने से बचाया है। सफीपुर कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह ने बताया कि पूरे मामले की तफ्तीश चल रही है। घटना में जो लोग भी शामिल होंगे, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़िता के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी को जबरन कमरे में बंधक बनाकर अश्लील वीडीओ क्लिप बनाई गई। इसके बाद क्लिप सार्वजनिक करने की धमकी देकर महीनों से शोषण किया जा रहा था। परेशान होकर जब उसकी बेटी ने घर से निकलना बंद कर दिया तो आरोपी ने वीडियो क्लिप सार्वजनिक कर दी।
उधर, आरोपी युवक के पिता का कहना है कि उसका बेटा बेकसूर है। उसने किसी दोस्त से मिली क्लिप को अपने मोबाइल पर लेकर दूसरे दोस्तों के मोबाइल पर भेजा था। राजनीतिक साजिश के तहत दबाव डाल कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी स्वप्निल का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह कई खुलासे करेगा।
बदनाम हुए स्कूल से टीचरों ने की तौबा
एमएमएस कांड में स्कूल प्रबंधक के पुत्र का नाम आने के बाद बदनामी के डर से स्कूल की टीचरों ने तौबा कर ली है। नाम न छापने की शर्त पर आधा दर्जन टीचरों ने बताया कि अब वह इस स्कूल नहीं जाएंगी।
सपा में किसी पद पर नहीं है : नगर अध्यक्ष
समाजवादी पार्टी के सफीपुर नगर अध्यक्ष कलीम अहमद ने एमएमएस कांड के आरोपी स्वप्निल मिश्रा के पार्टी का नगर सचिव न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि स्वप्निल किसी पद पर नहीं है वह सिर्फ पार्टी का कार्यकर्ता है। स्वप्निल द्वारा अपनी गाड़ी पर नगर सचिव लिखा होने के सवाल पर उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों लिखवाया उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
मान्यता पांच तक, पढ़ाई आठ तक
कसबा स्थित शारदा शिशु मंदिर की बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता तो सिर्फ कक्षा पांच तक की है मगर करीब चार साल से कक्षा अठ तक की कक्षाएं संचालित हैं।
जानकारी होने पर यहां पढ़ रहे छात्रों के अभिभावकों ने विरोध शुरू कर दिया है। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि वह स्वयं जांच करेंगे और अनियमितता मिली तो मान्यता रद्द कर दी जाएगी। स्कूल प्रबंधक वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि कक्षा आठ की मान्यता के लिए जमा फाइल शिक्षा विभाग में लंबित है।