Kanpur Weather Update: इस मौमस की पहली धुंध से ठिठका शहर, अब ठंड बढ़ेगी… दृश्यता तीन KM से घटकर 500 मीटर पहुंची
Weather News: मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी का असर कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा बेसिन के विभिन्न मैदानी इलाकों में आएगा। हालांकि कानपुर परिक्षेत्र में अभी बारिश के आसार नहीं हैं। हिमालयी हवाओं का असर अधिकतम और न्यूनतम दोनों तरह के तापमान पर पड़ेगा।
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कानपुर में मौसम ने ठंड आने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार सुबह वातावरण में धुंध बढ़ गई। इससे सामान्य दृश्यता दो-तीन किलोमीटर से घटकर 500 मीटर पर आ गई। 48 घंटों में रात का न्यूनतम पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। हालांकि दिन के अधिकतम तापमान में अभी बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ा है। सीएसए के मौसम विभाग ने पांच दिनों तक सुबह के समय धुंध रहने और बढ़ने का अनुमान जारी किया है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि धुंध बढ़ने पर अधिकतम पारा भी नीचे आएगा। आने वाले दिनों में धुंध और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश होगी। इससे हिमालय से उत्तर-पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में ठंडक लाएंगी। इस कारण धुंध बढ़ेगी और कोहरा भी छा सकता है। रात का न्यूनतम तापमान गिरने और ठंडक बढ़ने से हवा में पानी के कण जमा हो जाते हैं।
भारी होने के कारण हवा वायुमंडल के निचले स्तर पर आ जाती है। इसके साथ धुआं और धूल कण भी नीचे आ जाते हैं। इससे सुबह के वक्त धुंध (स्मॉग) बढ़ जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि भूमध्य सागर से पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। यह एक-दो दिन में हिमालयी क्षेत्र में पहुंच जाएगा। इससे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश बढ़ेगी।
तापमान के अधिक गिरने पर कोहरा पड़ने लगेगा
हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी का असर कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा बेसिन के विभिन्न मैदानी इलाकों में आएगा। हालांकि कानपुर परिक्षेत्र में अभी बारिश के आसार नहीं हैं। हिमालयी हवाओं का असर अधिकतम और न्यूनतम दोनों तरह के तापमान पर पड़ेगा। तापमान के अधिक गिरने पर कोहरा पड़ने लगेगा। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि मौसमी बदलाव से धुंध और बढ़ने के आसार हैं। धुंध से सुबह की दृश्यता घटेगी।
सीजन की पहली धुंध ने 26 ट्रेनों की रफ्तार थामी
ट्रेनों की दृश्यता बढ़ाने की तमाम कोशिशों के बीच गुरुवार को सीजन की पहली ही धुंध से ट्रेनों का संचालन खासा प्रभावित रहा। गुरुवार सुबह वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत, भुवनेश्वर दुरंतो, शताब्दी और स्वर्ण शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों के अलावा पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति, श्रमशक्ति समेत 26 ट्रेनें कई घंटे की देरी से सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचीं। कुछ ट्रेनें सात से आठ घंटे लेट रहीं।
यह ट्रेनें कई घंटे देरी से आईं और गईं
पटना-साबरमती स्पेशल 10 घंटे, झांसी-लखनऊ चारबाग स्पेशल साढ़े आठ घंटे, श्रम शक्ति 7.37 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस 6.45 घंटे, बरौनी-नई दिल्ली साढ़े छह घंटे, दरभंगा 5.45 घंटे, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पांच घंटे, कालिंदी एक्सप्रेस 4.17 घंटे, अहमदाबाद-गोरखपुर 4.20 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस, जोगबनी साढ़े तीन घंटे, शताब्दी सवा तीन घंटे, स्वर्ण शताब्दी 3.10 घंटे, भुवनेश्वर दुरंतो 3.35 घंटे, सियालदह राजधानी 2.05 घंटे देरी से गईं।