Kanpur Weather Update: कानपुर से रूठे हैं बादल! 10 साल बाद सबसे कम बारिश, उमस के साथ उलझन पैदा करने वाली गर्मी
Weather News: मौसम में इस बार दूसरा सबसे बड़ा और परेशान करने वाला परिवर्तन यह भी देखा जा रहा है कि कड़ी धूप के बीच नमी भी बढ़ी हुई है। इससे उमस के साथ उलझन पैदा करने वाली गर्मी पड़ रही है।
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कानपुर में पिछले 10 सालों में जुलाई में अभी तक सबसे कम बारिश हुई है। पिछले पांच दिन से रूठे मानसून के अभी चार दिन और बरसने के आसार नहीं हैं। जुलाई में अभी तक महज 253.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि पिछले कुछ सालों में एक हजार एमएम से ज्यादा बारिश हुई है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि बादलों का समूह जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में टर्फ लाइन कहते हैं, वह प्रदेश के मध्य क्षेत्र यानि कानपुर-बुंदेलखंड से खिसककर काफी नीचे (प्रदेश के पूर्वोत्तर और उत्तरी क्षेत्रों पश्चिम बंगाल की तराई में) चला गया है। इसी वजह से कानपुर क्षेत्र में बारिश नहीं हो रही है।
मौसम विभाग का तो यहां तक मानना है कि इस बार इसी तरह पूरी जुलाई ऐसे ही गुजर सकती है। बारिश नहीं होने के साथ मौसम में इस बार दूसरा सबसे बड़ा और परेशान करने वाला परिवर्तन यह भी देखा जा रहा है कि कड़ी धूप के बीच नमी भी बढ़ी हुई है। इससे उमस के साथ उलझन पैदा करने वाली गर्मी पड़ रही है।
नमी तो बन रही है, लेकिन बादल नहीं बन पा रहे
डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार आमतौर पर अधिक गर्मी और नमी आने से बारिश जरूर हो जाती है, लेकिन इस बार ऐसा कम हो रहा है। इसकी वजह यह है कि भूमध्य सागर और बंगाल की खाड़ी से जो हवाएं उठ रही हैं, उनके आपस में टकराने से नमी तो बन रही है, लेकिन बारिश वाले बादल यूपी के मध्य क्षेत्र में नहीं बन पा रहे हैं।
पिछले 10 वर्षो में जुलाई में बारिश (मिमी में)
- 2022 में 1083.4
- 2021 में 1025.6
- 2020 में 1228.7
- 2019 में 963.9
- 2018 में 981.1
- 2017 में 669.9
- 2016 में 690.9
- 2015 में 627.3
- 2014 में 663.3
- 2013 में 1234.1
दिन में सिर्फ दो मिनट की बूंदाबांदी
शनिवार को दिन में शहर के कुछ क्षेत्रों पांडुनगर, फजलगंज, स्वरूपनगर, सिविल लाइंस सहित कई क्षेत्रों में मात्र दो मिनट की बूंदाबादी हुई। इससे उमस और बढ़ गई। दिन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह हवा में नमी की मात्रा अधिकतम 76 और न्यूनतम 73 प्रतिशत रही।