{"_id":"6427bfd47157af9e4109a88b","slug":"kanpur-weather-possibility-of-rain-and-hail-in-kanpur-for-three-days-2023-04-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Weather: चक्रवाती हवाओंं से बदला मौसम, कानपुर में तीन दिन तक बारिश और ओले पड़ने की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Weather: चक्रवाती हवाओंं से बदला मौसम, कानपुर में तीन दिन तक बारिश और ओले पड़ने की संभावना
Sat, 01 Apr 2023 10:54 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 Apr 2023 10:54 AM IST
सार
मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में तीन दिन तक बारिश और ओले पड़ने की संभावना है।
विज्ञापन
कानपुर का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भूमघ्य सागर से उठी गरम चक्रवाती हवाओं से कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदल गया। शुक्रवार को सुबह हल्की बारिश के बाद दोपहर बाद जमकर ओले पड़े। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से जुड़े स्थानीय मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस तरह की स्थिति अभी अगले 72 घंटे तक रह सकती है। इस बीच बारिश होने से तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। सुबह से शाम तक कुल 16 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
विज्ञापन
एक दिन पहले गुरुवार की देर शाम से ही मौसम में तब्दीली शुरू हो गई थी। रात में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद सुबह करीब 6 मिमी बारिश हुई। फिर कड़ी धूप से तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी तरह न्यूनतम पारा भी बादलों की वजह से 18.4 डिग्री रहा। शुक्रवार को दोपहर मेंं भी करीब 10 मिमी बारिश हुई, जिसकी वजह से दिन का पारा 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया।
विज्ञापन
शहर में इस सीजन में पहली बार पड़े ओले
इस सीजन में शहरी क्षेत्र में पहली बार ओले पड़े। इससे पहले इस सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों मेंं तीन बार ओले गिरने और बिजली गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। मौसम विशेष डॉ एसएन पांडेय के अनुसार शहरी क्षेत्र में गर्मी बढ़ने की वजह से जब गर्म हवा ऊपर की ओर से जाकर नम हवाओंं से मिलती है तो ऐसी स्थिति में ओले पड़ने और बादलों के तेज गरजने की घटनाएं होती हैं।
इस सीजन में शहरी क्षेत्र में पहली बार ओले पड़े। इससे पहले इस सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों मेंं तीन बार ओले गिरने और बिजली गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। मौसम विशेष डॉ एसएन पांडेय के अनुसार शहरी क्षेत्र में गर्मी बढ़ने की वजह से जब गर्म हवा ऊपर की ओर से जाकर नम हवाओंं से मिलती है तो ऐसी स्थिति में ओले पड़ने और बादलों के तेज गरजने की घटनाएं होती हैं।
गेहूं , चना व सरसों की फसलों को भारी नुकसान
कानपुर के बिठूर, सरसौल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार शाम को अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पड़ी गेहूं, चना व सरसो की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक बदले मौसम की वजह से किसानों की चिंता बढ़ा गई। गेहूं और चना की फसल की कटाई ठप हो गयी। बिठूर मंधना सिंहपुर और बैकुंठपुर में ओले गिरे जबकि कुरसौली,टिकरा और मकसूदाबाद में बारिश हुई।
कानपुर के बिठूर, सरसौल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार शाम को अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पड़ी गेहूं, चना व सरसो की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक बदले मौसम की वजह से किसानों की चिंता बढ़ा गई। गेहूं और चना की फसल की कटाई ठप हो गयी। बिठूर मंधना सिंहपुर और बैकुंठपुर में ओले गिरे जबकि कुरसौली,टिकरा और मकसूदाबाद में बारिश हुई।
किसानों ने बताया कि गेंहू की फसल भीगने ने गेहू काला और भूसा खराब हो जाता है। कई सब्जी की खेती करने वाले किसानों ने भिंडी,तरोई और लौकी के बीज खेतो में लगाए हैं, जिनके अंकुरित होने से पहले ही उनके सड़ने का खतरा हो गया है। इसी तरह सरसौल क्षेत्र के ,फुफुवार, तिलसहरी,दीपापुर,बौसर टौंस,खुटार,नरौरा, सेमरझाल,टिकरा, नर्वल, हाथीगांव,बड़ागांव, प्रेमपुर, पूरनपुर, दीपापुर, पनौरी, सहित ढाई दर्जन गांवों में अधिक ओलावृष्टि हुई।महाराजपुर व नर्वल में गेहूं, चना, सरसौं सहित सब्जियों की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है।
किसान परेशान
सात बीघे गेंहू की फसल पकी खड़ी है आज से ही कटाई करनी थी। बारिश की वजह से अब कम से कम चार दिन कटाई नही हो सकेगी। फसल खराब होने का भी डर है।- छोटे कमल कुरसौली
खेतो में गेंहू की फसल पकी खड़ी है और उड़द की फसल बोई है जो अभी अंकुरित भी नही हुई है।उड़द के बीज सड़ने का भय है।- रमाशंकर शुक्ला तिवारीपुर
सात बीघे गेंहू की फसल पकी खड़ी है आज से ही कटाई करनी थी। बारिश की वजह से अब कम से कम चार दिन कटाई नही हो सकेगी। फसल खराब होने का भी डर है।- छोटे कमल कुरसौली
खेतो में गेंहू की फसल पकी खड़ी है और उड़द की फसल बोई है जो अभी अंकुरित भी नही हुई है।उड़द के बीज सड़ने का भय है।- रमाशंकर शुक्ला तिवारीपुर