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Kanpur Weather: भीतरगांव मंदिर पहुंची मौसम विभाग की टीम, इस बार भी मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान, पढ़ें अपडेट

Tue, 18 Jun 2024 09:46 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 18 Jun 2024 09:46 AM IST
सार

Kanpur News: मानसून आने के कुछ समय पहले ही मंदिर के पत्थरों से पानी की बूंदें क्यों टपकती हैं, इसका वैज्ञानिक कारण अभी तक कोई नहीं बता पाया है। इससे पहले यहां कई तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम भी आकर अध्ययन कर चुकी है।

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Kanpur Weather, Meteorological Department team reached Bhitargaon temple, heavy rain forecast this time too
प्रचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर शहर से करीब 35 किमी दूर भीतरगांव विकास खंड के बेहटाबुजुर्ग गांव में स्थित अति प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से पानी की बूंदें टपकनी शुरू हो गई हैं। ये बूंदें बड़ी और अधिक संख्या में मंदिर के गुंबद से जमीन पर गिर रही हैं। मौसम विभाग ने निरीक्षण करने के बाद इस बार बारिश भी मूसलाधार होने का अनुमान जताया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भी बड़ी-बड़ी बूंदों का टपकना अच्छी बारिश के संकेत हैं।

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सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग की टीम ने जाकर परीक्षण किया। टीम के प्रमुख डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उनकी टीम 2020 में यहां आई थी। तब बूंदें हल्की और छोटी थीं। उस वर्ष कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश कम हुई थी। इस बार बूंदें बड़ी और ज्यादा मात्रा में गिर रही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि बारिश अच्छी होगी।

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अभी तक नहीं पता चला वैज्ञानिक कारण
मानसून आने के कुछ समय पहले ही मंदिर के पत्थरों से पानी की बूंदें क्यों टपकती हैं, इसका वैज्ञानिक कारण अभी तक कोई नहीं बता पाया है। इससे पहले यहां कई तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम भी आकर अध्ययन कर चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के पास से होकर पूर्व में सरस्वती नदी का बहाव होता था।

जैसे ही बारिश शुरू होगी, बूंदें टपकना बंद हो जाएंगी
इसके अलावा पानी का दूसरा कोई स्रोत आसपास नहीं है। डॉ. पांडेय ने बताया कि इस बार मंदिर से बूंदें उसी समय टपकना शुरू हो गईं थी, जिस दिन केरल में मानसून की दस्तक हुई थी। जैसे जैसे मानसून आगे बढ़ रहा है बूंदें अधिक होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही बारिश शुरू होगी, यह बूंदें टपकना बंद हो जाएंगी।

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