Kanpur Weather: भीतरगांव मंदिर पहुंची मौसम विभाग की टीम, इस बार भी मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान, पढ़ें अपडेट
Kanpur News: मानसून आने के कुछ समय पहले ही मंदिर के पत्थरों से पानी की बूंदें क्यों टपकती हैं, इसका वैज्ञानिक कारण अभी तक कोई नहीं बता पाया है। इससे पहले यहां कई तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम भी आकर अध्ययन कर चुकी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर शहर से करीब 35 किमी दूर भीतरगांव विकास खंड के बेहटाबुजुर्ग गांव में स्थित अति प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से पानी की बूंदें टपकनी शुरू हो गई हैं। ये बूंदें बड़ी और अधिक संख्या में मंदिर के गुंबद से जमीन पर गिर रही हैं। मौसम विभाग ने निरीक्षण करने के बाद इस बार बारिश भी मूसलाधार होने का अनुमान जताया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भी बड़ी-बड़ी बूंदों का टपकना अच्छी बारिश के संकेत हैं।
सोमवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग की टीम ने जाकर परीक्षण किया। टीम के प्रमुख डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उनकी टीम 2020 में यहां आई थी। तब बूंदें हल्की और छोटी थीं। उस वर्ष कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश कम हुई थी। इस बार बूंदें बड़ी और ज्यादा मात्रा में गिर रही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि बारिश अच्छी होगी।
अभी तक नहीं पता चला वैज्ञानिक कारण
मानसून आने के कुछ समय पहले ही मंदिर के पत्थरों से पानी की बूंदें क्यों टपकती हैं, इसका वैज्ञानिक कारण अभी तक कोई नहीं बता पाया है। इससे पहले यहां कई तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की टीम भी आकर अध्ययन कर चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के पास से होकर पूर्व में सरस्वती नदी का बहाव होता था।
जैसे ही बारिश शुरू होगी, बूंदें टपकना बंद हो जाएंगी
इसके अलावा पानी का दूसरा कोई स्रोत आसपास नहीं है। डॉ. पांडेय ने बताया कि इस बार मंदिर से बूंदें उसी समय टपकना शुरू हो गईं थी, जिस दिन केरल में मानसून की दस्तक हुई थी। जैसे जैसे मानसून आगे बढ़ रहा है बूंदें अधिक होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही बारिश शुरू होगी, यह बूंदें टपकना बंद हो जाएंगी।