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Kanpur Weather: वेट बल्ब टेंपरेचर की चपेट में कानपुर, मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी

Wed, 19 Apr 2023 10:54 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 19 Apr 2023 10:54 AM IST
सार

वेट-बल्ब टेंपरेचर वह न्यूनतम तापमान है जिस पर वाष्पीकरण से हवा को ठंडा किया जा सकता है। 31 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब टेंपरेचर मनुष्यों के लिए अत्यंत खतरनाक है।

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Kanpur Weather: Kanpur in the grip of wet bulb temperature
गर्मी का सितम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जलवायु परिवर्तन का असर दिखना शुरू हो गया है। देश के कई स्थानों की तरह कानपुर भी वेट-बल्ब टेंपरेचर की चपेट में आ गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब तापमान और नमी अपनी उस सीमा को से ज्यादा हो गई है, जिसे मनुष्य बर्दाश्त कर पाता है। ऐसी स्थिति में पसीना निकलता तो है मगर वाष्पीकरण न हो पाने के कारण उससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती।

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यह स्थिति खतरनाक होती है और इंसान में बेचैनी बढ़ जाती है और चक्कर आने लगते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में चेतावनी जारी की है। यह जानकारी चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय की ओर से दी गई। डॉ. पांडेय के अनुसार मौसम के जो पूर्वानुमान सामने आ रहे हैं, उसके अनुसार आने वाले दिनों में तापमान लंबे समय तक 40 से 50 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। इसके साथ ही नमी भी उसी अनुपात में बढ़ सकती है। मंगलवार को भी ऐसी ही स्थिति रही।

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विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 41.2 रिकॉर्ड किया गया और अधिकतम आर्द्रता 36 प्रतिशत रही। सामान्य तौर पर आर्द्रता 25 प्रतिशत होनी चाहिए थी। अरब सागर से हवा आने से तापमान के साथ आर्द्रता का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे वेट बल्ब टेंपरेचर की स्थिति बन रही है। आईएमडी की चेतावनी में इस स्थिति को काफी खतरनाक बताया गया है।

मुंबई में एक साथ 11 लोगों की हो गई मौत
पिछले रविवार को मौसम में आए बदलाव (वेट बल्ब टेंपरेचर) की वजह से महाराष्ट्र के नवी मुंबई में दोपहर में एक सम्मान समारोह के दौरान 11 मौतें हो गई थीं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पांडेय के अनुसार जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार गर्मी और उसम की वजह से बेचैनी और चक्कर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मौसम का यह बदलाव जानलेवा भी हो रहा है।
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क्या है वेट-बल्ब टेंपरेचर, कैसे मिला यह नाम
वेट-बल्ब टेंपरेचर वह न्यूनतम तापमान है जिस पर वाष्पीकरण से हवा को ठंडा किया जा सकता है। 31 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब टेंपरेचर मनुष्यों के लिए अत्यंत खतरनाक है। बताया गया है कि 35 डिग्री के वेट बल्ब टेंपरेचर में एक स्वस्थ व्यक्ति का छह घंटे तक रहना खतरनाक हो सकता है। थर्मामीटर के बल्ब को गीले मलमल के कपड़े में लपेट कर लिए जाने तापमान को वेट बल्ब टेंपरेचर कहते हैं। मौसम की इस स्थिति के लिए यह नाम यहीं से लिया गया।
ज्यादा गर्मी वाले इलाकों की हो रही पहचा।
 
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डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि उन राज्यों और जगहों की पहचान की जा रही है, जहां का तापमान वेट-बल्ब टेंपरेचर को पार कर सकता है। इस पर भी मंथन चल रहा है कि गर्मी से बचने के लिए वहां क्या किया जाए। इसे लेकर एक हीट एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक ने बताया की कानपुर मंडल सहित पूरा देश वेट-बल्ब टेंपरेचर के दायरे में आ चुका है।

मंगलवार को तापमान
अधिकतम - 41.2
न्यूनतम- 20.4

आर्द्रता
अधिकतम 36 प्रतिशत
न्यूनतम 17 प्रतिशत

हवा की रफ्तार- 5.4 किमी प्रति घंटा
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