फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Ward 51 councilor Sudhir Yadavs election voided he had hidden  criminal history at time of nomination

Kanpur: वार्ड-51 के पार्षद सुधीर यादव का निर्वाचन शून्य, नामांकन के समय छिपाया था आपराधिक इतिहास, पढ़ें मामला

Sat, 13 Sep 2025 09:35 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 13 Sep 2025 09:35 AM IST
सार

Kanpur News: राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी जवाब में निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कही गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि सुधीर ने शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाया। इसलिए उसके निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया।

विज्ञापन
Kanpur Ward 51 councilor Sudhir Yadavs election voided he had hidden  criminal history at time of nomination
पार्षद सुधीर यादव - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में सवा दो साल पहले हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड - 51 (बर्रा) से निर्वाचित घोषित किए गए पार्षद सुधीर यादव का निर्वाचन अपर जिला जज नवम शेष बहादुर निषाद ने शून्य घोषित कर दिया। नामांकन फार्म के साथ सुधीर द्वारा दिए गए शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाने का आरोप साबित होने पर कोर्ट ने यह आदेश सुनाया है। चुनाव में 128 मतों से हारे अजय शर्मा ने न्यायालय में चुनाव याचिका दाखिल की थी। शहर में इस तरह का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

विज्ञापन

शहर में महापौर और सभी 110 वार्डों के लिए पार्षदों का चुनाव 11 मई 2023 को हुआ था। 13 मई को परिणाम घोषित हुए थे। वार्ड संख्या 51 बर्रा में सुधीर कुमार यादव को 3382 जबकि अजय शर्मा को 3254 मत मिले थे। सुधीर को पार्षद निर्वाचित घोषित किया गया था। अजय ने 31 मई को कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। आरोप लगाया कि सुधीर ने नामांकन फार्म के साथ जो शपथपत्र जमा किया था, उसमें अपना आपराधिक इतिहास छिपाया था।

विज्ञापन

घोषणापत्र में कोई जानकारी छिपाई नहीं गई
इसके अलावा निर्वाचन कार्यालय कर्मियों से सांठगांठ करके वार्ड 51 की मतदाता सूची में वार्ड-77 (बर्रा पूर्वी) के 400 मतदाताओं के नाम जुड़वा दिए गए थे और मतदाताओं को भ्रमित कर मतदान कराया गया। निर्वाचन अधिकारी से फर्जी मतदान की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं सुधीर की तरफ से तर्क दिया गया कि घोषणापत्र में कोई जानकारी छिपाई नहीं गई। उन्हें अब तक किसी भी मुकदमे में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध नहीं किया गया है।

विज्ञापन

शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाया
मतदाता सूची प्रकाशन के बाद आपत्ति मांगी गई थी, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ और चुनाव संपन्न हुए। राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी जवाब में निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कही गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि सुधीर ने शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाया। इसलिए उसके निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया। हालांकि मतदाता सूची में फर्जी नाम दर्ज किए जाने की बात कोर्ट में साबित नहीं हो सकी।

विज्ञापन

पत्नी की हत्या में जाना पड़ा था जेल
सुधीर कुमार यादव के खिलाफ तीन मुकदमों का आपराधिक इतिहास सामने आया। पहला मुकदमा वर्ष 2012 में बलवा, गाली-गलौज व घर में घुसकर मारपीट करने के आरोप में दर्ज हुआ था। हालांकि इस मुकदमे में हाईकोर्ट से उसे स्टे मिल गया था। दूसरा मुकदमा पत्नी का दहेज उत्पीड़न, अपहरण व हत्या का दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में सुधीर को जेल भी जाना पड़ा था और लगभग दो साल बाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह जेल से बाहर आ सका था। तीसरा मुकदमा गाली-गलौज व जान माल की धमकी देने के आरोप में दर्ज हुआ था। सभी मुकदमे अदालतों में लंबित हैं। वर्ष 2012 में भी सुधीर ने पार्षद का चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गया था।

इनके खिलाफ दाखिल की थी याचिका
याचिका में उप्र राज्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, नगर आयुक्त के अलावा चुनाव में प्रत्याशी रहे सुधीर यादव, अनिल यादव, ओमप्रकाश पाल, नरेंद्र कुमार पाल, संगीता गुप्ता व संदीप पाल को पक्षकार बनाया गया था। प्रत्याशियों में सुधीर और अनिल यादव के अलावा कोई भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।

सुधीर यादव की पार्षद सदस्यता खत्म हो गई है। शासन को इसकी सूचना भेजी जाएगी। अब सुधीर यादव यदि पार्षद के रूप में कोई कार्य कहेंगे तो नहीं होंगे। वार्ड-51 में अवर अभियंता, अधिशासी अभियंता विकास कार्य कराते रहेंगे। क्षेत्रवासी नगर निगम के अधिकारियों को सीधे समस्याएं बता सकते हैं। वहां प्राथमिकता पर विकास कार्य कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग इस वार्ड में दोबारा चुनाव करा सकता है।  -सुधीर कुमार, नगर आयुक्त

मैं न्यायालय के आदेश का पालन करूंगा। 15 साल से जनता की सेवा कर रहा हूं, जिसकी बदौलत जनता ने निर्दलीय प्रत्याशी होने के बावजूद मुझे पार्षद बनाया था। मैं उसी तरह जनता की सेवा करता रहूंगा।  -सुधीर यादव

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed