Kanpur Violence: शिव मंदिर पर कब्जा करने में मुख्तार पर कसा शिकंजा, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
बजरिया पुलिस ने मुख्तार बाबा और उसकी बेटी समेत अन्य पर रिपोर्ट दर्ज की थी। बता दें कि विवेचक ने कोर्ट से वारंट लेकर अपने केस में मुख्तार को शामिल किया है। इस केस में भी मुख्तार के खिलाफ सुबूत मिले हैं।
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कानपुर नई सड़क हिंसा में जेल में बंद मुख्तार बाबा पर शिकंजा और कसता जा रहा है। चमनगंज पुलिस ने शिव मंदिर पर कब्जा करने के मामले में वारंट जारी करा जेल में तामील करवा दिया है। ऐसे में अब उसे अवैध कब्जे के केस में भी शामिल कर लिया गया है। नामजद आरोपी उसकी बेटी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।
नई सड़क हिंसा में एसआईटी ने मुख्तार बाबा को जेल भेजा था। इसके बाद उसके पुराने मामले भी उजागर होने लगे थे। इसी क्रम में 22 जून को चमनगंज थाने में प्रेम नगर निवासी उदय शंकर ने मुख्तार बाबा, उसकी बेटी नाज आयशा व बेटे मो. उमर के खिलाफ प्राचीन शिव मंदिर कब्जा करने व बेटी के नाम पर रजिस्ट्री का आरोप लगा केस दर्ज कराया था।
चमनगंज इंस्पेक्टर जावेद अहमद ने बताया कि मुख्तार पहले से ही जेल में बंद था, इसलिए कोर्ट से वारंट लेकर अपने केस में उसको शामिल कर लिया है। जेल में भी वारंट भेज दिया गया। जेल में जाकर उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं।
बेटा-बेटी पर भी कार्रवाई की तैयारी
इंस्पेक्टर के मुताबिक वादी ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, वह बेहद पुख्ता साक्ष्य हैं। शुरुआती जांच में स्पष्ट हो रहा है कि उस स्थान पर मंदिर था, जिसे मुख्तार ने कब्जा किया। उसकी रजिस्ट्री नाज आयशा व उमर के नाम करवा दी। इसलिए इन दोनों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।