Kanpur Violence: हयात एंड कंपनी से सात घंटे पूछताछ, मिले कई अहम सुराग, बिल्डर हाजी वसी बनाया गया आरोपी
एसआईटी ले आरोपियों के सामने खातों का विवरण रखकर पूछताछ की। इसमें बैंक खातों, फंडिंग और वित्तीय लेनदेन के संबंध में अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। यही नहीं, जांच एजेंसी को हयात के संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन की वेबसाइट से संबंधित कुछ तथ्य भी मिले हैं।
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कानपुर हिंसा मामले में एसआईटी ने गुरुवार को हयात जफर हाशमी और उसके तीन साथियों को दो दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर सात घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान एसआईटी और क्राइम ब्रांच ने चारों के बैंक खातों, फंडिंग और वित्तीय लेनदेन के संबंध में सवाल पूछे।
हयात हाशमी, जावेद मोहम्मद खान, मोहम्मद राहिल, मोहम्मद सूफियान को सुबह करीब 11 बजे एसआईटी नवाबगंज थाने लेकर पहुंची। टीम ने आरोपियों के सामने उनके बैंक खातों का पूरा ब्योरा रखा। खातों में रकम कहां से आई और कहां भेजी गई इस संबंध में सवाल पूछे। पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। शुक्रवार देर शाम पूछताछ के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा।
उन्नाव से लाया गया हयात का करीबी
उपद्रव में हयात का एक करीबी आसिफ भी शामिल था। पुलिस जब तक उसके पास पहुंचती इससे पहले उन्नाव की गंगाघाट पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को पुलिस उसे बी वारंट पर यहां लाई, जहां से उसे न्यायालय में पेश किया गया। उसे कानपुर जेल भेज दिया गया है, पुलिस अब उसे रिमांड पर लेगी।
डी-2 गैंग के अपराधी ने जुटाई थी भीड़
पुलिस ने चारों को कर्नलगंज, कोहना व ग्वालटोली थाने में ले जाकर भी अलग-अलग पूछताछ की। हयात और उसके साथियों ने कबूला कि घटना से पहले उन्होंने अपराधियों के साथ बैठक कर उपद्रव की पूरी प्लानिंग की थी। उनके बताए हुए नामों में डी 2 गैंग समेत अन्य आपराधिक गिरोह के दो दर्जन से अधिक लोग हैं, जिसका सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान एटीएस, एसआईटी और मिलेट्री इंटेलीजेंस के अफसर भी मौजूद रहे। दोपहर में नवाबगंज थाने और फिर देर रात कैंट थाने में पूछताछ की गई। अफसरों के अनुसार डी-2 गिरोह के अफजाल ने भीड़ जुटाने का काम किया था। एक अन्य शातिर बाबर ने हथियार का इंतजाम किया था।
बिल्डर हाजी वसी आरोपी बनाया गया
आरोपियों ने बिल्डर हाजी वसी का नाम दोबारा लिया, जिसने इन्हें फंड उपलब्ध कराया था। उसे भी लिखापढ़ी में आरोपी बना लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी शनिवार तक हो सकती है। एसआईटी को तीन ऐसे और बिल्डरों की जानकारी मिली है, जो डी 2 के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इसमें राशिद, मुन्ना और कय्यूम शामिल हैं। एसआईटी अब निजाम कुरैशी और आसिफ की कस्टडी रिमांड लेगी।
हयात की वेबसाइट से जुड़े एक हजार अनजान लोग
नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में जांच एजेंसी को हयात के संगठन एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन की वेबसाइट से संबंधित कुछ तथ्य भी मिले हैं। पता चला है कि वेबसाइट के जरिये संगठन से करीब ढाई हजार वालंटियर जुड़े हैं। इनमें से करीब एक हजार लोगों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। ये कौन लोग हैं, कहां के हैं, आदि सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियां खोज रही हैं। वेबसाइट से जुड़े अनजान वालंटियर अलग-अलग प्रदेश के हैं। इसमें से कुछ पीएफआई सदस्य भी हो सकते हैं। अनजान वालंटियर ने सात-आठ लाख की फंडिंग भी संगठन को की है। पुलिस और अन्य एजेंसियां इसकी गहनता से जांच कर सत्यापन कर रही हैं।