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Kanpur Violence: नई सड़क बवाल के आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर, पुलिस करेगी हयात से पूछताछ
Wed, 15 Jun 2022 09:54 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 15 Jun 2022 09:54 PM IST
सार
अभियोजन अधिकारी कमलेश वर्मा ने कोर्ट में तर्क रखा कि हयात के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। पहली बार मिले रिमांड के दौरान बैंक बंद थे, जिसकी वजह से पूछताछ अधूरी रह गई थी।
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में आरोपी मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैन्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद खान, मो. सूफियान व मो. राहिल को पुलिस दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। महानगर मजिस्ट्रेट पंचम अदिति जैन ने चारों आरोपियों का दो दिन का रिमांड मंजूर कर लिया है।
अभियोजन अधिकारी कमलेश वर्मा ने कोर्ट में तर्क रखा कि हयात के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। पहली बार मिले रिमांड के दौरान बैंक बंद थे, जिसकी वजह से पूछताछ अधूरी रह गई थी। कोर्ट में केस डायरी पेश करते हुए कहा गया कि पूछताछ के दौरान हयात ने कई खुलासे किए हैं। अलगाववादी संगठनों से उसके संबंधों का पता चला है, यह भी पता चला है कि कई संगठन उसे फंडिंग भी करते थे। इन रुपयों का इस्तेमाल हयात व उसके साथियों ने शहर में उपद्रव फैलाने के लिए किया है।
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अभियोजन अधिकारी कमलेश वर्मा ने कोर्ट में तर्क रखा कि हयात के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। पहली बार मिले रिमांड के दौरान बैंक बंद थे, जिसकी वजह से पूछताछ अधूरी रह गई थी। कोर्ट में केस डायरी पेश करते हुए कहा गया कि पूछताछ के दौरान हयात ने कई खुलासे किए हैं। अलगाववादी संगठनों से उसके संबंधों का पता चला है, यह भी पता चला है कि कई संगठन उसे फंडिंग भी करते थे। इन रुपयों का इस्तेमाल हयात व उसके साथियों ने शहर में उपद्रव फैलाने के लिए किया है।
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बैंक से हयात के खाते में हुए लेनदेन का ब्योरा मिला है। कहा गया कि इन सभी बातों की जानकारी जरूरी है। दोबारा पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड दी जाए। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि हयात पर लगाए आरोपों में पुलिस को कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल सके हैं। पुलिस फर्जी आरोपों में फंसाना चाहती है। तीन दिन में पुलिस सभी तथ्यों पर पूछताछ कर चुकी है। दोबारा रिमांड की कोई जरूरत नहीं है। संयुक्त निदेशक अभियोजन संजय त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने 16 और 17 जून के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर कर लिया है।