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Kanpur Violence: चंद्रेश्वर हाता निवासी बोले- मरते दम तक यहीं रहेंगे, पलायन का सवाल नहीं
Wed, 08 Jun 2022 11:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:34 PM IST
सार
फर्जी मैसेज वायरल होने के बाद हाता निवासी लोगों ने बैनर-पोस्टर लगा दिए हैं, जिसमें लिखा है कि पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे। हाते में रहने वाले लोगों का कहना है कि आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे। किसी का डर नहीं है। शासन-प्रशासन साथ है। पलायन करने का सवाल ही नहीं है।
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चंद्रेश्वर हाता निवासी लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंद्रेश्वर हाते में हम सब पैदा हुए। आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे। किसी का डर नहीं है। शासन-प्रशासन साथ है। पलायन करने का सवाल ही नहीं है। यह कहना है चंद्रेश्वर हाता में रहने वाले परिवारों का। दरअसल, बुधवार को सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हुए जिसमें दावा किया गया कि बवाल के बाद चंद्रेश्वर हाता निवासी कई परिवार पलायन कर गए।
जानकारी मिलते ही पुलिस के अफसर हाते में पहुंचे। कई परिवारों से बातचीत की। तब पता चला कि वायरल मैसेज फर्जी है। उसके बाद अमर उजाला ने हाता में जाकर पड़ताल की। परिवारों से जब बात की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी ने कोई पलायन नहीं किया है। सभी लोग यहीं रह रहे हैं, जिंदगी यहीं बताएंगे।
पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे
फर्जी मैसेज वायरल होने के बाद हाता निवासी लोगों ने बैनर-पोस्टर लगा दिए हैं, जिसमें लिखा है कि पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे। हाता के दो मकानों में ताला बंद है। जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि एक मकान रिटायर्ड केस्को कर्मी अशोक वर्मा का है और दूसरा जगतपुरी का है। अशोक वर्तमान में हैदराबाद निवासी अपने बेटे के पास गए हैं, जबकि जगतपुरी जनरलगंज में दुकान पर थे। इसलिए उनके मकान में ताला लगा था।
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जानकारी मिलते ही पुलिस के अफसर हाते में पहुंचे। कई परिवारों से बातचीत की। तब पता चला कि वायरल मैसेज फर्जी है। उसके बाद अमर उजाला ने हाता में जाकर पड़ताल की। परिवारों से जब बात की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी ने कोई पलायन नहीं किया है। सभी लोग यहीं रह रहे हैं, जिंदगी यहीं बताएंगे।
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पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे
फर्जी मैसेज वायरल होने के बाद हाता निवासी लोगों ने बैनर-पोस्टर लगा दिए हैं, जिसमें लिखा है कि पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे। हाता के दो मकानों में ताला बंद है। जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि एक मकान रिटायर्ड केस्को कर्मी अशोक वर्मा का है और दूसरा जगतपुरी का है। अशोक वर्तमान में हैदराबाद निवासी अपने बेटे के पास गए हैं, जबकि जगतपुरी जनरलगंज में दुकान पर थे। इसलिए उनके मकान में ताला लगा था।
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महिलाएं बोलीं, हमें किसी का डर नहीं
हाता निवासी शकुंतला देवी, कल्पना देवी समेत अन्य महिलाओं ने कहा कि हाते को खाली करने के लिए दबाव बहुत वर्षों से बनाया जाता रहा है। मगर खाली कराने वाले कामयाब नहीं हुए हैं, न होंगे। महिलाओं ने कहा कि उनको किसी का डर नहीं है। पुलिस प्रशासन भी हर वक्त साथ है। आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे।
हाता निवासी शकुंतला देवी, कल्पना देवी समेत अन्य महिलाओं ने कहा कि हाते को खाली करने के लिए दबाव बहुत वर्षों से बनाया जाता रहा है। मगर खाली कराने वाले कामयाब नहीं हुए हैं, न होंगे। महिलाओं ने कहा कि उनको किसी का डर नहीं है। पुलिस प्रशासन भी हर वक्त साथ है। आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे।