नई सड़क बवाल: गैंगस्टर मामले की जांच पूरी, अब सीज होंगी संपत्तियां, सात माह पहले चार पर लगा था गैंगस्टर
तीन जून को नई सड़क पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, बिल्डर हाजी वसी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी जांच में सामने आया था कि हाजी वसी व मुख्तार बाबा ने चंद्रेश्वर हाता खाली कराने के लिए एक करोड़ रुपये में सौदा किया था।
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नई सड़क बवाल के बाद दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। पुलिस अब फंडिंग के मामले में जेल में बंद हाजी वसी, मुख्तार बाबा और डीटू गैंग के अतीक खिचड़ी व सबलू की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने सभी की अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को ब्यौरा खंगालना शुरू कर दिया है।
तीन जून को नई सड़क पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, बिल्डर हाजी वसी समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी जांच में सामने आया था कि हाजी वसी व मुख्तार बाबा ने चंद्रेश्वर हाता खाली कराने के लिए एक करोड़ रुपये में सौदा किया था। इसके बाद वसी ने डीटू गैंग के सदस्य अकील खिचड़ी और सबलू को चार-चार लाख रुपये दिए थे। ताकि उपद्रव के समय फायरिंग और बमबाजी कर दहशत फैलाई जा सके।
यह था मामला
तीन जून को जुमे की नमाज के बाद बीजेपी प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा की टिप्पणी के विरोध में हयात जफर हाशमी ने बाजार बंदी की घोषणा की थी। बंदी को लेकर शुरू हुआ विवाद उपद्रव में बदल गया था। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव, बमबाजी और फायरिंग की थी। मामले में पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्र्ज कर हयात जफर हाशमी, हाजी वसी, मुख्तार बाबा, समेत कई को जेल भेजा था।