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Kanpur Violence: बिल्डर वसी बेटे समेत अंडरग्राउंड, मुख्तार की बेटी फरार, पुलिस ने कई जगह दी दबिश, नहीं लग सका सुराग
Wed, 29 Jun 2022 10:30 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 29 Jun 2022 10:30 AM IST
सार
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने नई सड़क बवाल के केसों की जांच के लिए बनाई गईं चार एसआईटी को भंग कर एक नई एसआईटी गठित की थी। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित नई एसआईटी ने मंगलवार को अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। डीसीपी ने बताया कि अधिकतर आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में नई सड़क हिंसा मामले का आरोपी बिल्डर हाजी वसी अपने बेटे संग अंडरग्राउंड हो गया है। आरोपी मुख्तार बाबा की बेटी भी फरार हो गई है। पुलिस ने दोनों की तलाश में सोमवार रात को कई ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आए। एसआईटी ने मुख्तार के करीबी हमजा को भी आरोपी बनाया है, जिसकी तलाश जारी है।
नई सड़क बवाल में पुलिस ने बिल्डर हाजी वसी को हयात का फाइनेंसर बताया है। इसी आधार पर वसी के साथ उसके बेटे उमर को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं, एसआईटी बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा को एक सप्ताह पहले जेल भेज चुकी है। साथ ही प्रेम नगर के शिव मंदिर पर कब्जा करने के मामले में बाबा की बेटी नाज आयशा पर धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसलिए पुलिस उमर और नाज आयशा को पकड़ने की जद्दोजहद कर रही है।
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नई सड़क बवाल में पुलिस ने बिल्डर हाजी वसी को हयात का फाइनेंसर बताया है। इसी आधार पर वसी के साथ उसके बेटे उमर को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं, एसआईटी बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा को एक सप्ताह पहले जेल भेज चुकी है। साथ ही प्रेम नगर के शिव मंदिर पर कब्जा करने के मामले में बाबा की बेटी नाज आयशा पर धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसलिए पुलिस उमर और नाज आयशा को पकड़ने की जद्दोजहद कर रही है।
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नई एसआईटी ने कार्रवाई की समीक्षा की
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने नई सड़क बवाल के केसों की जांच के लिए बनाई गईं चार एसआईटी को भंग कर एक नई एसआईटी गठित की थी। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित नई एसआईटी ने मंगलवार को अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। डीसीपी ने बताया कि अधिकतर आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एक दो मुख्य आरोपी और बचे हैं। जल्द उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। विवेचना की प्राथमिकता है कि कोई भी निर्दोष जेल न जाए।
बदल सकते हैं मुख्य विवेचक
अब तक की विवेचना एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने की थी। नई एसआईटी में एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह को मुख्य विवेचक बनाया गया है। अशोक कुमार सिंह का कुछ महीने पहले ही प्रमोशन हुआ है। वह एडिशनल एसपी बन गए हैं। ऐसे में उनका जल्द ही तबादला हो सकता है।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने नई सड़क बवाल के केसों की जांच के लिए बनाई गईं चार एसआईटी को भंग कर एक नई एसआईटी गठित की थी। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित नई एसआईटी ने मंगलवार को अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। डीसीपी ने बताया कि अधिकतर आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। एक दो मुख्य आरोपी और बचे हैं। जल्द उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। विवेचना की प्राथमिकता है कि कोई भी निर्दोष जेल न जाए।
बदल सकते हैं मुख्य विवेचक
अब तक की विवेचना एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने की थी। नई एसआईटी में एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह को मुख्य विवेचक बनाया गया है। अशोक कुमार सिंह का कुछ महीने पहले ही प्रमोशन हुआ है। वह एडिशनल एसपी बन गए हैं। ऐसे में उनका जल्द ही तबादला हो सकता है।