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Kanpur: एसबीआई की शाखा में 14.60 लाख के घोटाले की विजिलेंस ने शुरू की जांच
Fri, 16 May 2025 01:50 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 16 May 2025 01:50 PM IST
सार
Kanpur News: एसबीआई की शाखा में 14.60 लाख के घोटाले की विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। निष्क्रिय खाते को सक्रिय बनाकर गोलमाल किया गया था। मामले में एक आरोपी उप प्रबंधक को निलंबित किया जा चुका है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसबीआई की माल रोड स्थित पर्सनल बैंकिंग ब्रांच (पीबीबी) में निष्क्रिय खाते को सक्रिय करके 14.60 लाख रुपये के घोटाले की जांच विजिलेंस ने भी शुरू कर दी है। आरोपी के साथ ही शाखा में काम करने वाले कर्मियों और अफसरों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले में आरोपी उप प्रबंधक को निलंबित किया जा चुका है।
बताया गया कि शुरुआती आंतरिक जांच में फर्जी आधार कार्ड और पते से जुड़े फर्जी दस्तावेजों की जानकारी मिली थी। इसका सत्यापन कराया जा रहा है। मामले की जांच पहले लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक और कानपुर के सहायक महाप्रबंधक कर रहे थे। अब विजिलेंस ने अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। विश्व बैंक और पीबीबी शाखाओं के कर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं। विजिलेंस के अफसर ने आरोपी से भी पूछताछ की थी। शाखाओं के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है। बताया गया कि जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्च अफसरों को सौंपी जा सकती है।
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बताया गया कि शुरुआती आंतरिक जांच में फर्जी आधार कार्ड और पते से जुड़े फर्जी दस्तावेजों की जानकारी मिली थी। इसका सत्यापन कराया जा रहा है। मामले की जांच पहले लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक और कानपुर के सहायक महाप्रबंधक कर रहे थे। अब विजिलेंस ने अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। विश्व बैंक और पीबीबी शाखाओं के कर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं। विजिलेंस के अफसर ने आरोपी से भी पूछताछ की थी। शाखाओं के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है। बताया गया कि जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्च अफसरों को सौंपी जा सकती है।
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ये है मामला
एक मई को बैंक के मुख्य महाप्रबंधक को भेजे गए गुमनाम पत्र से 121-363 सिविल लाइंस कानपुर नगर कटरी बिठूर कला निवासी शिरोमणि यादव के वर्ष 2022 से निष्क्रिय बैंक खाते (संख्या 11022343963) से 14.60 लाख रुपये निकालने की जानकारी मिली थी। पत्र में बताया गया कि बैंक में उप प्रबंधक स्तर के अधिकारी व एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने अन्य अफसरों और कर्मियों के साथ मिलकर फर्जी ई-केवाईसी करके इस निष्क्रिय खाते को 25 मार्च 2025 को सक्रिय करवाकर घोटाले को अंजाम दिया। इसकी चर्चा शुरू हुई तो 11 अप्रैल को खाते में रुपये वापस आ गए और इसे फिर से 15 अप्रैल को निष्क्रिय कर दिया गया।
एक मई को बैंक के मुख्य महाप्रबंधक को भेजे गए गुमनाम पत्र से 121-363 सिविल लाइंस कानपुर नगर कटरी बिठूर कला निवासी शिरोमणि यादव के वर्ष 2022 से निष्क्रिय बैंक खाते (संख्या 11022343963) से 14.60 लाख रुपये निकालने की जानकारी मिली थी। पत्र में बताया गया कि बैंक में उप प्रबंधक स्तर के अधिकारी व एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने अन्य अफसरों और कर्मियों के साथ मिलकर फर्जी ई-केवाईसी करके इस निष्क्रिय खाते को 25 मार्च 2025 को सक्रिय करवाकर घोटाले को अंजाम दिया। इसकी चर्चा शुरू हुई तो 11 अप्रैल को खाते में रुपये वापस आ गए और इसे फिर से 15 अप्रैल को निष्क्रिय कर दिया गया।