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Kanpur: संपर्क क्रांति से दिल्ली जा रहे तीन रोहिंग्या को आरपीएफ ने पकड़ा, कई घंटे तक पूछताछ
Thu, 25 Dec 2025 03:10 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 25 Dec 2025 03:10 AM IST
सार
एटीएस, एलआईयू, आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियाें ने तीनों से कई घंटे तक पूछताछ की। जनरल बोगी में सवार थे।
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
आरपीएफ और जीआरपी ने सिलचर (असम) से नई दिल्ली जा रही पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति 14037 में मंगलवार को युवती समेत तीन रोहिंग्या इब्राहिम, रुबिया और जुबैर को पकड़ा। तीनों जनरल बोगी में सवार थे। उनसे पुलिस, खुफिया, आईबी, एलआईयू, एटीएस समेत अन्य एजेंसियों ने कई घंटे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में तीनों के जम्मू कश्मीर जाने का पता चला है। जीआरपी थाने में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
आरपीएफ कमांडेंट विजय पंडित के मुताबिक रेलवे कंट्रोल रूम के माध्यम से दो संदिग्ध युवक और एक युवती के पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति में सफर करने की सूचना आई। ट्रेन सुबह 11:35 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। जीआरपी और आरपीएफ स्टाफ ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में ले लिया। तीनों के रोहिंग्या होने का पता चलते ही पुलिस, एलआईयू, खुफिया, आईबी समेत अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने बारी बारी से पूछताछ की। अब तक हुई जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या सामान नहीं मिला है। जांच एजेंसियां उनके जम्मू कश्मीर के कनेक्शन जानने में जुट गई है।
सात साल पहले आ गए असम
खुफिया सूत्रों के अनुसार इब्राहिम पूर्व में जम्मू कश्मीर में कार्य कर चुका है। उसने पूछताछ में बताया कि वह और उसका परिवार आठ साल पहले असम आ गया था। यहां के बाद से उसके रिश्तेदार अलग-अलग शहरों में रह रहे हैं। वह अभी भी जम्मू कश्मीर जाने के लिए निकला था। दिल्ली से उनको दूसरी ट्रेन पकड़नी थी।
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भाषा और पहनावे से पकड़े गए
जीआरपी के सीओ दुश्यंत कुमार ने बताया कि तीनों की भाषा, बोलचाल और पहनावा कुछ अलग था। वह आपस में ज्यादा बातें नहीं कर रहे थे। शुरू में मैसेज एक युवती को जबरदस्ती ट्रेन में लेकर जाने का आया। इस पर टीम को अलर्ट कर दिया गया। जांच में तीनों बांग्लादेशी निकले हैं। यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सजगता से तीनों को पकड़ा गया है। शहर में भी कई रोहिंग्या के चोरी छिपे रहने के सुबूत मिले हैं। डॉ. शाहिन का कानपुर कनेक्शन सामने आने के बाद से पुलिस, एलआईयू और खुफिया इसकी जांच में जुटी हुई है।
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आरपीएफ कमांडेंट विजय पंडित के मुताबिक रेलवे कंट्रोल रूम के माध्यम से दो संदिग्ध युवक और एक युवती के पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति में सफर करने की सूचना आई। ट्रेन सुबह 11:35 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। जीआरपी और आरपीएफ स्टाफ ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में ले लिया। तीनों के रोहिंग्या होने का पता चलते ही पुलिस, एलआईयू, खुफिया, आईबी समेत अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने बारी बारी से पूछताछ की। अब तक हुई जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या सामान नहीं मिला है। जांच एजेंसियां उनके जम्मू कश्मीर के कनेक्शन जानने में जुट गई है।
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सात साल पहले आ गए असम
खुफिया सूत्रों के अनुसार इब्राहिम पूर्व में जम्मू कश्मीर में कार्य कर चुका है। उसने पूछताछ में बताया कि वह और उसका परिवार आठ साल पहले असम आ गया था। यहां के बाद से उसके रिश्तेदार अलग-अलग शहरों में रह रहे हैं। वह अभी भी जम्मू कश्मीर जाने के लिए निकला था। दिल्ली से उनको दूसरी ट्रेन पकड़नी थी।
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भाषा और पहनावे से पकड़े गए
जीआरपी के सीओ दुश्यंत कुमार ने बताया कि तीनों की भाषा, बोलचाल और पहनावा कुछ अलग था। वह आपस में ज्यादा बातें नहीं कर रहे थे। शुरू में मैसेज एक युवती को जबरदस्ती ट्रेन में लेकर जाने का आया। इस पर टीम को अलर्ट कर दिया गया। जांच में तीनों बांग्लादेशी निकले हैं। यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सजगता से तीनों को पकड़ा गया है। शहर में भी कई रोहिंग्या के चोरी छिपे रहने के सुबूत मिले हैं। डॉ. शाहिन का कानपुर कनेक्शन सामने आने के बाद से पुलिस, एलआईयू और खुफिया इसकी जांच में जुटी हुई है।