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Kanpur: निमोनिया से तीन की मौत, 22 रोगी गंभीर हालत में भर्ती, वायरल संक्रमण का लिवर पर भी आ रहा असर

Tue, 14 Mar 2023 09:14 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 14 Mar 2023 09:14 AM IST
सार

सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि रोगियों के फेफड़ों में न्यूमोनाइटिस हो जा रहा है। निमोनिया होने से उनका ब्लड प्रेशर गिरने लगता है और पल्स नहीं मिलती।

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Kanpur: Three died of pneumonia, 22 patients admitted in critical condition
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वायरल संक्रमण से सोमवार को तीन निमोनिया रोगियों की मौत हो गई। साथ ही हैलट इमरजेंसी में 50 रोगी भर्ती किए गए जिनमें 22 रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। रोगियों के फेफड़ों में न्यूमोनाइटिस हो रहा है। हैलट इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट के सभी बेड फुल हो जाने के बाद रोगियों को मेटरनिटी विंग में शिफ्ट किया गया है।

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उर्सला तथा निजी अस्पतालों में रोगी सांस फूलने की दिक्कत लेकर आ रहे हैं। इनमें किसी रोगी की एच3एन2 की जांच नहीं कराई गई है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि अभी तक किसी रोगी के एच3एन2 की पुष्टि की सूचना अस्पतालों से नहीं मिली है। हैलट की ओपीडी में सोमवार को 200 रोगियों ने जांच कराई। इनमें 125 रोगियों को जुकाम, बुखार, खांसी और गले का संक्रमण था। अधिक खांसने और सीने में जकड़न से इन्हें सांस की दिक्कत थी।

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सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि रोगियों के फेफड़ों में न्यूमोनाइटिस हो जा रहा है। निमोनिया होने से उनका ब्लड प्रेशर गिरने लगता है और पल्स नहीं मिलती। वहीं अति गंभीर हालत में आए रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। एक्यूट रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) की स्थिति में हैलट इमरजेंसी में भर्ती हुए रोगी की मौत हो गई। इसके अलावा सांस फूलने की दिक्कत पर हैलट एंबुलेंस लाए गए रोगी राघव (60) की रास्ते में मौत हो गई।

दोपहर को जब परिजन हैलट पहुंचे रोगी की मौत हो चुकी थी। रोगी के  परिजन राकेश ने बताया कि रोगी का पांच साल से अस्थमा का इलाज चल रहा था। वायरल संक्रमण के बाद अचानक हालत बिगड़ी थी। इसके अलावा नवाबगंज के रोगी केदार (62) की निमोनिया से मौत हुई है। परिजन उन्हें सिविल लाइंस के निजी अस्पताल ले गए थे। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि मौसमी वायरल संक्रमण चल रहा है। पुराने रोगियों को जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

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एच3एन2 वायरस के संक्रमण से भी होता निमोनिया
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर विकास मिश्रा का कहना है कि एच3एन2 वायरस के संक्रमण से बुखार, गले का संक्र मण, नाक बहना, सिर दर्द और खांसी होती है। इसके अलावा गंभीर स्थिति में यह निमोनिया और सांस की नली में सूजन कर देता है। गंभीर संक्रमण में रोगी की मौत हो जाती है।

65 साल से अधिक और पांच साल से कम उम्र के बच्चे इस संक्रमण को लेकर अधिक संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज, गुर्दा, कैंसर, हृदय रोग और न्यूरो के रोगी एहतियात बरतें। इनमें संक्रमण होने से जटिलताएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने सुझाव दिया है कि ऐसे इलाके में न जाएं जहां सूअर रहते हैं। `

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