ये हैं सरकारी 'अंगद': तीन महीने वालों का ट्रांसफर, 10 साल वाले एक ही पटल पर जमे, नहीं किया गया नीति का पालन
Kanpur News: मामले में जलाधिकारी ने बताया कि यदि बाबुओं का तबादला गलत तरीके से किया गया है] तो जांच होगी। जो लंबे समय से एक ही जगह तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा और दूसरी तहसीलों में तैनात किया जाएगा।
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कानपुर कलक्ट्रेट में तैनात बाबुओं के तबादलों में खेल हो गया। यहां तबादला नीति का पालन नहीं किया गया। तीन माह और छह माह से एक पटल पर तैनात बाबुओं को हटाकर दूसरे पटलों पर तैनात कर दिया। वहीं, एडीएम वित्त के यहां करीब 10 साल, रिकॉर्ड रूम में पांच साल से तैनात बाबुओं का तबादला सूची से नाम गायब है। यह अंगद की तरह अपना जमाए हुए हैं।
शनिवार देर रात करीब 14 बाबुओं के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। तबादला नीति के अनुसार, कोई भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी तीन साल से अधिक एक जिले या पटल पर तैनात नहीं रह सकता है। लेकिन, एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में 10 साल से नितिन गुप्ता तैनात हैं। इनका तबादला कभी एडीएम वित्त के पेशकार के रूप में तो कभी स्टांप लिपिक के पद पर किया गया।
इन सबका नाम तबादला सूची से है गायब
इसके अलावा कभी इन्हें दूसरे पटल पर तैनाती नहीं दी गई। वहीं, रिकॉर्ड रूम में पांच साल से आकांक्षा यादव और अपूर्वा तिवारी तैनात हैं। एडीएम सिटी के पेशकार नितिन कश्यप चार साल से तैनात हैं। इन सबका नाम तबादला सूची से गायब है। वहीं, तीन माह पहले इंदु प्रजापति की तैनाती तहसीलदार सदर के पेशकार के पद पर हुई थी।
वीआईपी प्रोटोकाल लिपिक पद पर दे दी गई तैनाती
उनको यहां से हटाकर एसीएम दो के यहां तैनात कर दिया गया। इसी तरह, तत्कालीन जिलाधिकारी राकेश कुमार ने शस्त्र लिपिक अखिलेश कुमार द्विवेदी को करीब आठ माह पहले तहसीलदार सदर के पेशकार पद पर तैनात किया था। अब उन्हें हटाकर वीआईपी प्रोटोकाल लिपिक पद पर तैनाती दे दी गई। एसीएम प्रथम की पेशकार रहीं पूनम सिंह के खिलाफ कई शिकायतें थी।
तहसील में कभी तैनात नहीं किए गए
वहां से हटाकर उन्हें दो माह पहले मालबाबू पटल पर तैनात किया गया था। शनिवार देर रात एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी की तरफ से जारी सूची में इन्हें मालबाबू के साथ तहसीलदार सदर की पेशकार की जिम्मेदारी सौंप दी गई। सबसे बडी़ बात यह कि ये कर्मचारी सदर तहसील छोड़कर किसी दूसरी तहसील में कभी तैनात नहीं किए गए।
इन बाबुओं का भी हुआ तबादला
- विनोद सिंह- एसडीएम सदर अहलमद से एएमजे न्यायालय तहसीलदार न्यायिक तहसील सदर
- सुनील श्रीवास्तव- एडब्लूबीएन तहसील घाटमपुर से सीआरके अभिलेखागार
- सुषमा पांडेय- सीआरके से अरेंजर राजस्व अभिलेखागार
- आयुष श्रीवास्तव- एडब्लूबीएन तहसील घाटमपुर से अहलमद एसडीएम सदर
- ललित किशोर वर्मा- वीआईपी प्रोटोकॉल बाबू से डब्लूबीएन तहसील घाटमपुर
- वेद प्रकाश- अरेंजर अभिलेखागार राजस्व से वाचक एसडीएम बिल्हौर
- मो. आसिफ- एसीएम सप्तम पेशकार से एमजे तहसीलदार घाटमपुर
- जितेंद्र कुमार भट्ट- एसीएम द्वितीय से दैवी आपदा लिपिक
- राजेश श्रीवास्तव- पेशकार एसीएम सप्तम से डीएलआरसी अतिरिक्त प्रभार नायब नाजिर
- धमेंद्र कुमार- नायब नाजिर भवन से नाजिर कैश
- आकांक्षा सिंह- तहसील बिल्हौर से सहायक वेतन लिपिक
यदि बाबुओं का तबादला गलत तरीके से किया गया है, तो जांच होगी। जो लंबे समय से एक ही जगह तैनात हैं, उन्हें हटाया जाएगा और दूसरी तहसीलों में तैनात किया जाएगा। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी