Kanpur: रेउना में पुलिस फोर्स ने ड्रोन से ट्रेसकर 20 साइबर ठगों को किया गिरफ्तार
Kanpur News: रेउना क्षेत्र में साइबर क्राइम ब्रांच और एसओजी ने 20 युवकों को गिरफ्तार कर सरकारी योजनाओं के नाम पर चल रहे ठगी के गिरोह का राजफाश किया है। भारी फोर्स के साथ दी गई दबिश के दौरान पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर आरोपियों को सरेंडर के लिए मजबूर किया।
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रेउना क्षेत्र में बुधवार को 20 से अधिक गाड़ियों से पहुंचे पुलिस फोर्स ने ड्रोन की मदद से ट्रेसकर 20 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर गिरोह का राजफाश किया। गिरोह में शामिल पांचवीं से 11वीं पास शातिर फर्जी आईपीएस अधिकारी बन लोगों को चूना लगा रहे थे। गिरोह अश्लील वीडियो देखने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने बुधवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से सभी को जेल भेजा गया। फरार गिरोह के अन्य 14 सदस्यों की तलाश की जा रही है।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पिछले कुछ महीने से रेउना क्षेत्र से साइबर ठगी की साजिश रचने की सूचना मिल रही थी। यहां पर सक्रिय मोबाइल नंबरों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की ओर से कमिश्नरी पुलिस को रेउना क्षेत्र में साइबर ठगी का हॉट स्पॉट बनने का अलर्ट मिला। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके और घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत को साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी दी।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक टीम लगभग एक महीने से इलाके को ट्रेस कर रही थी। ड्रोन की मदद से खेतों और झोपड़ियों की निगरानी कराई गई। मंगलवार को रेउना, सजेती, घाटमपुर, सेन पश्चिमपारा, बिधनू, साइबर क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीमों को आरोपियों को दबोचने के लिए भेजा गया। दोपहर लगभग 12:30 बजे 20 चार पहिया वाहनों और 15 दोपहिया वाहनों से भारी पुलिस बल रठिगांव पुल के नजदीक पहुंचा। यहां से दो ड्रोन के जरिये लाले बाबा मंदिर के बाग में कुछ युवकों की सक्रियता नजर आई।
कुछ युवक अलग-अलग दूरी पर निगरानी करते दिखे। फोर्स ने पहले बाग को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच कुछ युवक वहां बनी झोपड़ी के अंदर जाते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने इशारा मिलते ही दबिश दी। एकाएक कार्रवाई से युवकों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने 20 युवकों को दबोच लिया जबकि 14 भागने में कामयाब रहे।
ग्रामीणों ने शातिरों को छोड़ने की मांग की
पुलिस की कार्रवाई की सूचना आरोपियों में से किसी ने ग्रामीणों को दे दी। कुछ ही मिनटों में गांव की महिलाएं और पुरुष एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस से युवकों को छोड़ने की मांग की। कई महिलाएं पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने लगीं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक कंट्रोल रूम में मैसेज कर दक्षिण जोन का और फोर्स बुलवाया गया। एक बटालियन पीएसी भी आ गई। देर रात तक ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक जारी रही। पुलिस ने सख्ती कर आरोपियों को दूसरे थाने में शिफ्ट करवा दिया। आरोपियों के पास से 16 मोबाइल, चार कीपैड फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 4480 रुपये मिले हैं। रेउना थाने में 34 शातिरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
गिरोह के इन सदस्यों की हुई गिरफ्तारी
रेउना क्षेत्र के राहुल कुमार, नीरज कुमार, प्रदीप सिंह, सतेंद्र, नीरज कुमार, प्रांशु, जगरूप सिंह, रोहित कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कुलदीप, नरेश उर्फ शिवनाथ, ज्ञान प्रकाश यादव, रोमी, नीरज कुमार, शैलेंद्र कुमार, धीरज कुमार, शिवकांत, पारस कुमार।
विजय, भोला, मधुर, दीप उर्फ दरोगा, टाइगर उर्फ जितेंद्र, सोहित, मलखान, खुशवंत, प्रद्युम्न, शोभन, पंकज, अनुरुद्ध, अशोक संखवार, सर्वेश, दीपक, दिलीप।
रोजाना 120 से 150 करते थे कॉल
एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि गिरोह के सदस्य रोजाना 120 से 150 कॉल करते थे। यह किसी भी नंबर की सीरीज ले लेते थे। उस नंबर को ट्रू कॉलर, यूपीआई और पेटीएम नंबर में देखकर उपभोक्ता की जानकारी हासिल करते थे। उसके बाद उसको ठगी की साजिश में फंसाया जाता था। कभी कॉल करके आवास, सरकारी योजना, बैंक अफसर बनकर ठगी करते थे। ज्यादातर पुलिस अधिकारी बन अश्लील वीडियो देखने के नाम पर धमकाते और गिरफ्तार करने के लिए डराते थे। इस दौरान पुलिस के वाहनों का सायरन भी बजाया जाता था जिससे लोग शक न कर सकें।