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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur The number of meritorious students in state merit list was less only three in 10 only two left in 12th

Kanpur: प्रदेश की मेरिट लिस्ट में कम रही मेधावियों की संख्या, 10वीं में सिर्फ तीन...12वीं में बचे सिर्फ दो

Sat, 26 Apr 2025 11:46 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 26 Apr 2025 11:46 AM IST
सार

Kanpur News: यूपी बोर्ड के परिणामों की प्रदेश मेरिट लिस्ट में जनपद से मेधावियों की संख्या कम रही है। पिछली बार 10वीं में 10 मेधावी थे, इस बार सिर्फ तीन रहे। वहीं, 12वीं में पिछले सत्र में 33 छात्रों का नाम था, इस बार सिर्फ दो छात्र ही रहे।

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Kanpur The number of meritorious students in state merit list was less only three in 10 only two left in 12th
10वीं की परीक्षा में पास होने की खुशी - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी बोर्ड के परिणाम में इस बार प्रदेश की मेरिट सूची में कानपुर जिले के छात्रों की संख्या कम रही। पिछले सत्र में 10वीं के परिणाम में प्रदेश की मेरिट में जिले के 10 मेधावियों ने नाम दर्ज कराया था लेकिन इस बार जिले से सिर्फ तीन मेधावी ही नाम शामिल करा सके। इसी तरह 12वीं के परिणाम में भी पिछले सत्र में राज्यस्तर पर शहर के 33 मेधावियों ने अपना नाम दर्ज कराया था लेकिन इस बार केवल दो मेधावियों का नाम आ सका।

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हर साल की तरह इस बार भी टॉपर की सूची से राजकीय और अनुदानित स्कूलों के छात्र गायब रहे। पिछले कई सालों से किसी भी राजकीय या अनुदानित स्कूलों के छात्रों ने मेरिट में अपना नाम नहीं दर्ज कराया है। इस बार भी वित्तविहीन स्कूलों ने बाजी मारी और सर्वाधिक टॉपर इन्हीं स्कूलों से निकले हैं। ये हाल तब है जब राजकीय और अनुदानित इंटर कॉलेज में विषय विशेषज्ञ हैं, सरकार उनको अच्छा वेतन और संसाधन देती है।

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कहीं कंप्यूटर तो कहीं सामाजिक विज्ञान ने बिगाड़ा गणित
स्कूलों में कई छात्रों के कंप्यूटर में अच्छे नंबर न आने की वजह से उनका पासिंग पर्सेंटेज बिगड़ गया है। कई मेधावियों ने गणित, अंग्रेजी, हिंदी जैसे विषयों में छात्रों के 95 से ऊपर तक नंबर हैं, लेकिन कंप्यूटर विषय में 85 से कम अंक मिलने पर पासिंग पर्सेंटेज गड़बड़ा गया है। ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य राममिलन सिंह ने कहते हैं कि इस बार हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में विषयों के प्रश्नपत्र में अधिकांश सवाल एनसीईआरटी से आए थे। इससे विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने में आसानी रही।

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