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कानपुर: कुलीबाजार हादसे की नए सिरे से होगी जांच, कमिश्नर ने केडीए की रिपोर्ट को किया खारिज, अफसरों में हड़कंप
Tue, 15 Dec 2020 10:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 15 Dec 2020 10:28 AM IST
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कुलीबाजार हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के कुलीबाजार मकान हादसे की नए सिरे से जांच शुरू की जा रही है। कमिश्नर ने केडीए की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए वीसी को दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इसमें प्राधिकरण के अधिकारियों, कर्मियों की भूमिका के बारे में भी पूछा गया है।
इसमें कई अफसर, कर्मी लपेटे में आ सकते हैं। उधर, मामला तूल पकड़ता देख निर्माण से जुड़े अफसरों-कर्मियों में हड़कंप मच गया है। 23 मार्च को कुलीबाजार में 60 फीट गहरे बेसमेंट की खुदाई के दौरान जर्जर मकान का एक हिस्सा ढहने से वृद्ध की मौत हो गई थी।
तीन अन्य घायल हो गए थे। कमिश्नर के आदेश पर केडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने प्राधिकरण सचिव एसपी सिंह से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में केडीए ने प्रवर्तन विभाग के सभी अफसरों, अभियंताओं, सुपरवाइजरों को क्लीनचिट देते हुए बिल्डर को ही दोषी ठहरा दिया था। निर्माणकर्ताओं के खिलाफ ही अनवरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए रिपोर्ट कमिश्नर डॉ. राजशेखर को भेज दी गई थी।
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इसमें कई अफसर, कर्मी लपेटे में आ सकते हैं। उधर, मामला तूल पकड़ता देख निर्माण से जुड़े अफसरों-कर्मियों में हड़कंप मच गया है। 23 मार्च को कुलीबाजार में 60 फीट गहरे बेसमेंट की खुदाई के दौरान जर्जर मकान का एक हिस्सा ढहने से वृद्ध की मौत हो गई थी।
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तीन अन्य घायल हो गए थे। कमिश्नर के आदेश पर केडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने प्राधिकरण सचिव एसपी सिंह से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में केडीए ने प्रवर्तन विभाग के सभी अफसरों, अभियंताओं, सुपरवाइजरों को क्लीनचिट देते हुए बिल्डर को ही दोषी ठहरा दिया था। निर्माणकर्ताओं के खिलाफ ही अनवरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए रिपोर्ट कमिश्नर डॉ. राजशेखर को भेज दी गई थी।
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