कानपुर में वैक्सीन की कमी: किशोरों को नहीं मिल पा रही दूसरी डोज, पहला लक्ष्य पूरा करने में पड़े लाले
शहर में आज से कक्षा 9 से ऊपर के छात्र-छात्राओं के स्कूल खुल रहे हैं। इससे लाभार्थी और अभिभावक दोनों परेशान हैं। बताया जा रहा है कि कोवाक्सिन की कमी के कारण अभी दूसरी डोज नहीं लग पा रही है।
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शहर में 15 से 17 आयु वर्ग के लाभार्थियों को वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग पा रही है। करीब 15 हजार लाभार्थियों का दूसरी डोज लगवाने का समय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक किशोरों को दूसरी डोज लगवाने का प्लान भी जारी नहीं किया है।
कक्षा 9 से ऊपर के छात्र-छात्राओं के स्कूल सोमवार से खुल रहे हैं। इससे लाभार्थी और अभिभावक दोनों परेशान हैं। बताया जा रहा है कि कोवाक्सिन की कमी के कारण अभी दूसरी डोज नहीं लग पा रही है। छोटे आयु वर्ग के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज तीन जनवरी से लगनी शुरू हुई थी।
पहले दिन ढाई हजार किशोरों ने वैक्सीन लगवाई थी। इन्हें दूसरी डोज 28 दिन के बाद दी जानी थी। 31 जनवरी को दूसरी डोज का समय पूरा हो चुका है। लेकिन अभी दूसरी डोज नहीं लग पाई है। बताया जा रहा है कि करीब 15 हजार लाभार्थियों को वैक्सीन की दूसरी डोज का समय हो गया है।
छोटे लाभार्थियों को कोवाक्सिन लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉक में कोवाक्सिन की कमी है। अब तक पहली डोज 68 फीसदी लाभार्थियों को ही लग पाई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमित कनौजिया का कहना है कि कोवाक्सिन का स्टाक मिल जाने के बाद दूसरी डोज शुरू की जाएगी।