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कानपुर: ‘लाल पेन का जादू और एक लाख की रोजाना वसूली', आरटीओ में 25 दलालों का सिंडीकेट, सरगना हरेंद्र की तलाश

Wed, 26 Aug 2026 03:48 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 26 Aug 2026 03:48 PM IST
सार

Kanpur RTO Raid News: कानपुर आरटीओ दफ्तर में छापे के बाद हुए खुलासे में सामने आया है कि वहां 25 दलालों का एक सिंडीकेट सक्रिय था, जिसका सरगना पनकी ट्रायल सेंटर से जुड़ा हरेंद्र है। फॉर्म पर लाल पेन से हरेंद्र लिखने पर ही लाइसेंस का काम आगे बढ़ता था।

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Kanpur syndicate of 25 touts active at the RTO search on for main kingpin Harendra
मुख्य सरगना हरेंद्र - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर आरटीओ दफ्तर में छापे के दौरान पकड़े गए दलालों से पूछताछ के बाद करीब 25 दलालों का सिंडीकेट सक्रिय होने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पनकी स्थित ट्रायल रन सेंटर में निजी कंपनी से जुड़ा हरेंद्र इस नेटवर्क का मुख्य सरगना है। उसकी मुहर के बिना किसी का लाइसेंस बनना नामुमकिन था। लाइसेंस के एवज में रुपये मिलने पर वह फॉर्म में लाल पेन से हरेंद्र लिख देता था, जिसके बाद आगे का रास्ता साफ हो जाता था।

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रुपये नहीं पहुंचने पर मामूली गलती में भी आवेदक को अनफिट करार दिया जाता था। उसने सिंडीकेट में शामिल दलालों को काम दिलाने और कमीशन वसूलने की जिम्मेदारी संजय नाम के दलाल को सौंप रखी थी। छापे के बाद से दोनों फरार हैं। वहीं पनकी में बैठने वाला एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी इनके इशारे पर काम करता था। ट्रायल के दौरान ट्रैक पर रहने वाला कर्मचारी भी पुलिस की रडार में है। फिलहाल पुलिस हरेंद्र और संजय की तलाश में दबिश दे रही है। दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हैं।

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एक दिन में एक लाख रुपये तक की वसूली
अन्य कर्मचारियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था लेकिन मंगलवार को कोई नहीं पहुंचा। एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि निजी कंपनी को ट्रायल रन सेंटर का ठेका मिला था। कंपनी ने सेंटर की जिम्मेदारी हरेंद्र को सौंपी थी हालांकि वह दलालों का सरगना बन गया। बिना ट्रायल रन के वह लोगों को पास कर देता था। एक दिन में एक लाख रुपये तक की वसूली कर ऊपर से लेकर नीचे तक बैठे लोगों को रुपये पहुंचाता था।

मोबाइल से खुलेगा सिंडीकेट का राज
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दलालों के मोबाइल फोन में कई लोगों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के दस्तावेज मिले हैं। इनकी जांच और डेटा एकत्र करने के बाद सिंडीकेट में शामिल लोगों, उनके काम और रोजाना होने वाली कमाई का ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।

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आरटीओ कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे होंगे चेक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरटीओ कार्यालय में बैठने वाले बाबुओं के दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं हालांकि परिसर में कैमरे लगे हैं। ऐसे में पुलिस बीते महीनों की डीवीआर जब्त कर कार्यालय आने और जाने वालों की जांच करेगी। एक ही दिन में कई बार चक्कर लगाने वालों को चिह्नित किया जाएगा।

पकड़े गए 11 दलाल जमानत पर छूटे
पुलिस ने सोमवार को आरटीओ दफ्तर से दलाल वीरेंद्र बहादुर, सौरभ तिवारी, दिलीप कुमार सिंह, विशाल अवस्थी, रामचंद्र शुक्ला, बृजमोहन नेगी, विपिन गुप्ता, आदेश कुमार, मनीष गौतम, कमल धारिया और धर्मेंद्र दिवाकर को पकड़ा था। इन सभी को मंगलवार को काकादेव थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया।

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