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कानपुर: समाज कल्याण विभाग में लापरवाही, 327 शिकायतों पर कुंडली मारे हैं अधिकारी, आईजीआरएस में भी निकला दम

Sat, 05 Sep 2026 01:05 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 05 Sep 2026 01:05 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर के निलंबन के बाद विभाग में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जहां आईजीआरएस की 327 शिकायतें तीन महीने से लंबित पड़ी थीं। टेंडर फाइनल न होने से सामूहिक विवाह के 700 से अधिक आवेदन और पारिवारिक लाभ योजना के 1500 मामले अधर में लटके हैं।

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Kanpur Social Welfare Department officials sitting on 327 complaints rendering IGRS system ineffective
विकास भवन, कानपुर नगर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती के बावजूद समाज कल्याण अधिकारी रहे शिवम सागर 327 शिकायतों पर कुंडली मारे बैठे रहे। इनकी लाॅगइन पर तीन महीने से 327 आईजीआरएस शिकायतें लंबित पड़ी हैं। अधिकारी के निलंबन के बाद जब एसीएम चतुर्थ पुष्पेंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी पद का अतिरिक्त प्रभार संभाला और विभागीय योजनाओं की समीक्षा शुरू की, तो लापरवाही की परतें खुलने लगीं।

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शिवम सागर करीब आठ माह तक कानपुर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात रहे। अप्रैल में वह एक माह की छुट्टी लेकर गए और करीब तीन माह तक नहीं लौटे। सबसे गंभीर स्थिति मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले आईजीआरएस की रही। समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह योजना की स्थिति भी बेहद खराब मिली। वित्तीय वर्ष के सात महीने बीत जाने के बावजूद योजना के लिए टेंडर तक फाइनल नहीं हो सके। जिले में करीब 1500 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित है।

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अटकी योजनाओं और शिकायतों को गति देना है चुनौती
विभाग को अब तक 700 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं लेकिन उनका सत्यापन तक पूरा नहीं कराया जा सका। पारिवारिक लाभ योजना की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। विभाग में करीब 1500 आवेदन लंबित हैं। इनमें 500 से अधिक पात्र लोगों को अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली योजना की यह स्थिति अफसर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। अब अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसीएम चतुर्थ के सामने सबसे बड़ी चुनौती विभाग में महीनों से अटकी योजनाओं और शिकायतों को गति देना है।

सभी योजनाओं की समीक्षा की गई है। जो भी आईजीआरएस लंबित हैं उनका निस्तारण तत्काल कराया जा रहा है। योजनाओं की प्रगति जल्द ही बढ़ाने के लिए बाबुओं के निर्देश दिए गए हैं।  -पुष्पेंद्र कुमार, प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी

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