फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: SGST raids nine fake iron-scrap firms; bogus supplies worth ₹390 crore detected

कानपुर: स्क्रैप-लोहा की नौ फर्जी फर्मों पर एसजीएसटी का छापा, 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई पकड़ी

Tue, 25 Aug 2026 07:10 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Tue, 25 Aug 2026 07:10 PM IST
सार

सभी नौ फर्में सीजीएसटी में पंजीकृत हैं, एक फर्म ने 25 दिन पहले पंजीकरण लिया। दो करोड़ का लेन-देन दिखा डाला।

विज्ञापन
Kanpur: SGST raids nine fake iron-scrap firms; bogus supplies worth ₹390 crore detected
फर्जी फर्मों पर एसजीएसटी का छापा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य कर विभाग (एसजीएसटी) कानपुर के 30 से ज्यादा अफसरों की नौ टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोहा, स्क्रैप से जुड़ी नौ फर्जी फर्मों पर छापा मारा। जांच के दौरान 390 करोड़ रुपये की बोगस सप्लाई और 72.12 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का खुलासा हुआ। आठ फर्मों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है। इन सभी फर्मों ने सेंट्रल जीएसटी का पंजीकरण ले रखा था। एक फर्म ने 25 दिन पहले पंजीकरण कराया था। और दो करोड़ का लेन-देन कर डाला।
विज्ञापन


छापेमारी में कई फर्में अस्तित्वहीन पाई गईं। ये फर्में केवल कागजों पर व्यापार दिखा रही थीं। कुछ व्यक्तियों को तो यह भी जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर जीएसटी पंजीयन लिया गया है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर आठ फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान मौके पर ही 1.34 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक की गई। ये कार्रवाई संयुक्त रूप से एडीशनल कमिश्नर सान्या छाबड़ा ,कार्यवाहक एडीशनल कमिश्नर कुमार आनंद और एडीशनल कमिश्नर (एसआईबी) प्रशांत कुमार के निर्देशन में की गई।
विज्ञापन

Kanpur: SGST raids nine fake iron-scrap firms; bogus supplies worth ₹390 crore detected
फर्जी फर्मों पर एसजीएसटी का छापा - फोटो : अमर उजाला
शैलेष गोस्वामी नामक फर्म ने सर्वाधिक 19.14 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी पास की थी। विभाग इन फर्जी फर्मों से जुड़ी अन्य फर्मों का डाटा विश्लेषण कर रहा है। फर्जी आईटीसी के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पंजीकरण निरस्त करने के लिए सीजीएसटी के अफसरों को पत्र भेजा गया है। अपर आयुक्त सान्या छाबड़ा ने बताया कि आयरन स्क्रैप की फर्जी फर्मों पर भविष्य में भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। विभाग सिंडिकेट बनाकर संगठित कर अपवंचन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाएगा। फर्जी फर्मों से जुड़ी अन्य फर्मों का डाटा डाटा विश्लेषण क्लेम या पास आन की गई बोगस आईटीसी के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इन बोगस फर्मों पर की गई कार्रवाई
1: जरौली स्थित फर्म पर जब छापा मारा गया तो जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा है। फर्म अस्तित्वहीन मिली। फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक दिसंबर 2025 को पंजीकरण कराया गया। इस दौरान 19.14 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की गई है।

2. बसंत विहार स्थित मेसर्स चंदन सर्विसेज की जांच में ये फर्म भी कागजों पर चलती मिली। जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा है। फर्म द्वारा फर्जी दस्तावेजों से 28 अक्तूबर 2025 को पंजीकरण लिया गया। इसके बाद 9.93 करोड़ की आईटीसी का आदान-प्रदान किया गया। अफसरों ने 98.51 लाख की आईटीसी ब्लाक कर दी है।

3: रामबाग में चल रही मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज की जांच में पता चला कि इस फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा है। फर्म का मौके पर कोई अस्तित्व नहीं मिला। घोषित व्यापार स्थल पर दूसरी अन्य फर्म व्यापार करती हुए मिली। फर्म फर्जी दस्तावेजों के जरिए 11.50 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की गई है। 36 लाख की आईटीसी ब्लाक की गई।

 
विज्ञापन

Kanpur: SGST raids nine fake iron-scrap firms; bogus supplies worth ₹390 crore detected
फर्जी फर्मों पर एसजीएसटी का छापा - फोटो : अमर उजाला
4: चमनगंज में संचालित मेसर्स न्यू ट्रेड इंटरप्राइजेज भी मौके पर अफसरों को फर्जी मिली। फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा था। फर्म ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 4.74 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की। विभाग की ओर से डाटा विश्लेषण करते हुए क्लेम की गई आईटीसी पर कार्रवाई शुरू की गई है।

5: सर्वोदय नगर में संचालित मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज भी अफसरों की जांच में फर्जी मिली। फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा था। फर्म ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 76 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की गई। 70 करोड़ की आईटीसी अफसरों ने रिवर्स कराई।

6. देहली सुजानपुर में चल रही मेसर्स अर्जुन ट्रेडर्स की जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा है। फर्म अस्तित्वहीन पायी गयी। फर्म स्वामी द्वारा बताया गया कि अमरीश तिवारी निवासी आवास विकास हंसपुरम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बोगस पंजीयन कराया। फर्म 4.83 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की।

7: शहर के भवानीपुर में चल रही मेसर्स अब्दुल ट्रेडर्स की भी जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा कोई व्यापार नही किया जा रहा था। फर्म अस्तित्वहीन पायी गगई। फर्म ने 4.74 करोड़ की आईटीसी प्रांत के अंदर एवं प्रांत के बाहर के व्यापारियों को पास आन की गयी है।

8: गोपालनगर में चल रही मेसर्स इंडियन ट्रेडिंग कंपनी की जांच में भी घोषित व्यापार स्थल पर कोई व्यापार चलता नही मिला। फर्म द्वारा की गयी खरीद बोगस मिली। फर्म ने 16.83 करोड़ की आईटीसी व्यापारियों को पास आन की गयी है। अन्य फर्मों को भेजी गई आईटीसी ब्लाक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

9: देहलीसुजानपुर में पंजीकृत मेसर्स रिषभ ट्रेडर्स ने 30 जुलाई 2026 को ही पंजीकरण कराया था। केवल 25 दिनों में ही 2 करोड़ की बिक्री की गई। जबकि खरीद से संबंधित प्रपत्र मौके पर नही पाये मिले। जांच के बाद व्यापारी को कैश के माध्यम से लगभग 37 लाख सरकारी कोष में जमा कराए गए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed