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UP: यश का खून से लथपथ शव देख परिजनों की निकली चीख, बेसुध मां बोली- हाय दइया यो का हुई गयौ, जानें मामला

Fri, 09 Feb 2024 10:44 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 09 Feb 2024 10:44 AM IST
सार

Kanpur News: पुलिस की देखरेख में गांव पहुंचा यश का शव देख मां अलका की हालत किसी से भी नहीं देखी जा रही थी। शव से लिपटकर अलका ने कहा कि हम अपने लल्ला का गोदी लीबे, हाय दइया यो का हुई गयौ। वहीं बहन श्रृष्टि भी मां के साथ भाई का शव देख रो रही थी।

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Kanpur School Van Accident, Seeing Yash s blood soaked dead body, family members screamed
kanpur school van accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में अरौल के आंकिन गांव में ट्रक और वैन की टक्कर में मृत यश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छात्र अपने परिवार को इकलौता चिराग था। उसके शव से लिपटकर पिता, मां और बड़ी बहन रोते-रोते बेसुध हो जा रहीं थीं। आंकिन गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक दिनेश तिवारी ने बताया कि उनके बेटे आलोक के एक पुत्री श्रृष्टि और पुत्र यश था। दोनों जीपीआरडी एजूकेशन सेंटर में पढ़ते थे। गुरुवार को श्रृष्टि स्कूल नहीं गई थी। सड़क पर गिरे यश के सिर पर गंभीर चोट आई थी। इससे उसकी मौत हो गई। सीएचसी बिल्हौर में यश का शव देख पिता आलोक की चीख छूट गई।

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नियमित वैन के बजाय दूसरी वैन आई थी बच्चे लेने
आंकिन गांव के अभीत ने बताया कि उनकी बहन ईश द्विवेदी भी यश के साथ पढ़ने जाती है। गुरुवार को बच्चों लेने नियमित वैन और चालक हिमांशू नहीं आया था। इसलिए स्कूल प्रबंधन की ओर से हलपुरा गांव निवासी चालक हरिओम कटियार को भेजा गया था।

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हम अपने यश का गोदी ली बे
पुलिस की देखरेख में गांव पहुंचा यश का शव देख मां अलका की हालत किसी से भी नहीं देखी जा रही थी। शव से लिपटकर अलका ने कहा कि हम अपने लल्ला का गोदी लीबे, हाय दइया यो का हुई गयौ। वहीं बहन श्रृष्टि भी मां के साथ भाई का शव देख रो रही थी। बीआरडी कालेज में लिपिक चाचा अंशु व बाबा दिनेश तिवारी के आंसुओंं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी।

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मेरे बेटे के आगे रुपया, पैसा, कानून सब छोटा
यश के शव के पोस्टमार्टम की बात जैसे ही पिता आलोक से कही गई, तो उन्होंने रोते हुए कहा कि मेरा किसी से कोई विवाद नहीं, मुझे कुछ नहीं चाहिए और न ही मैं अपने बेटे का पोस्टमार्टम कराऊंगा। इस पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया होने की बात कही तो आलोक उखड़ पड़े और कहा मैं अपने बेटे के जाने के बाद कोई कानून नहीं मानता। दुनिया की कोई ताकत मेरे बेटे को वापस नहीं ला सकती। ऐसे कानून से मुझे और मेरे परिवार से कोई लेना देना नहीं है, मेरे बेटे के सामने कानून, रुपया, पैसा कुछ भी बड़ा नहीं है।

पढ़ने में होशियार यश, डॉक्टर बनना चाहता था
अरौल जीटी रोड हाईवे पर वैन दुर्घटना में जान गंवाने वाले यश तिवारी के ट्यूशन टीचर राम जियावन ने बताया कि वे यश और उसकी बहन सृष्टि को पांच साल से कोचिंग पढ़ा रहे हैं। भाई-बहन पढ़ने में बहुत होशियार थे। यश बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहता था। घटना की सूचना पर वे भी सीएचसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायल समृद्धि, अंकित सहित कई अन्य बच्चे उनके यहां ही कोचिंग पढ़ते हैं।

विधायक बोले, सरकार पीड़ित परिवार के साथ
बिल्हौर विधायक मोहित उर्फ राहुल सोनकर बच्चा पीड़ित बच्चों और अभिभावकों से मिलने सीएचसी पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह लगातार जिलाधिकारी के संपर्क में हैं। बच्चों को अच्छी से अच्छी चिकित्सा की सुविधा मिल सके, इसके लिए सभी डॉक्टरों को अलर्ट किया गया है। कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ है। सपा की रचना सिंह भी पति पंकज यादव के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंची और सांत्वना दी।

सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पहुंचे इमरजेंसी
हादसे में घायल कुछ बच्चों को हैलट रेफर किया गया है। इसकी सूचना पर प्राचार्य डॉ. संजय काला, हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ हैलट इमरजेंसी पहुंच गए। इमरजेंसी में फौरन 15 बेड सुरक्षित करने के साथ ही दवाओं का भी इंतजाम कर दिया गया। घायलों को अस्पताल के अंदर पहुंचाने के लिए कर्मचारी स्ट्रेचर के साथ गेट पर मुस्तैद हो गए। डीएम राकेश कुमार सिंह, एडीएम सिटी राजेश कुमार, एसीपी स्वरूप नगर भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। डीएम ने मेडिकल कालेज प्राचार्य को घायल बच्चों को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।

अमन पटेल करते हैं जीपीआरडी स्कूल का संचालन
अरौल में हुए हादसे के बाद जीपीआरडी एजूकेशन सेंटर के एक बच्चे की मौत और 10 बच्चों के घायल होने की सूचना पर स्कूल का संचालन करने वाले अमन पटेल सीएचसी बिल्हौर पहुंचे। खून से लथपथ बच्चों को देख वे जमीन पर गिर गए। सीएचसी प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि दिल का दौरा पड़ा था। ऑक्सीजन लगाकर उन्हें हैलट भेजा गया है। हादसे के करीब तीन घंटे बाद जीपीआरडी कॉलेज की प्रबंधन सदस्यों में से पारुल पटेल सीएचसी पहुंचीं। पारुल पटेल ने हादसे को लेकर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। स्कूल का संचालन कृष्णा पटेल की तीन बेटियां विधायक सिराथू पल्लवी पटेल, पारुल पटेल व अमन पटेल कर रही हैं।

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