Kanpur: गंदगी के बीच बन रहा था सॉस, तीन जगह से 1432 लीटर जब्त, तीन इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन
Kanpur News: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने निरालानगर और बिठूर में छापेमारी कर तीन सॉस निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने 1,432 लीटर से अधिक सॉस जब्त किया और मौके पर ही भारी मात्रा में खराब सॉस नष्ट कराया। कई इकाइयां बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थीं।
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कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र में चल रहीं सॉस निर्माण इकाइयों पर छापा मारा। टीम ने निरालानगर और बिठूर क्षेत्र की तीन इकाइयों में गंदगी के बीच रंग मिलाकर सॉस तैयार होते पाया। इनमें दो इकाइयां बिना लाइसेंस संचालित हो रही थीं। विभाग ने 12 नमूने लेकर 1,432 लीटर से अधिक सॉस जब्त किया। वहीं खराब मिले सॉस को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम सबसे पहले निरालानगर स्थित सरोज नारायण इंटरप्राइजेज पहुंची। यहां बिक्री के लिए रखे ग्रीन चिली सॉस और स्नैक सॉस के पैकेट पर पैकिंग तिथि, एक्सपायरी डेट और सामग्री का विवरण नहीं मिला। इस पर 200 लीटर ग्रीन चिली सॉस (कीमत 20 हजार रुपये) और 100 लीटर स्नैक सॉस (कीमत 12 हजार रुपये) सीज कर कारोबारी की सुपुर्दगी में रखवा दिया गया।
380 लीटर खराब सॉस मौके पर नष्ट कराया
वेगिस ब्रांड के सोया सॉस, कुलिनरी सॉस, एगलेस मेयोनीज, ग्रीन चिली सॉस और स्नैक सॉस समेत छह नमूने लिए गए। इसके बाद टीम बैकुंठपुर बिठूर स्थित स्पार्क होम प्रोडक्ट पहुंची। यहां परिसर में फैली गंदगी के बीच रंग मिलाकर सॉस तैयार किया जा रहा था। जांच में इकाई के पास खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण भी नहीं मिला। टीम ने यहां से 380 लीटर चिली सॉस (कीमत 30,400 रुपये), 200 लीटर टोमेटो सॉस (20 हजार रुपये) और 100 लीटर सोया सॉस (10 हजार रुपये) जब्त कर तीन नमूने लिए। करीब 380 लीटर खराब सॉस (कीमत 31 हजार रुपये) को मौके पर नष्ट करा दिया गया।
जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए नमूने
इसी गांव में संचालित जीएसएस इंटरप्राइजेज में भी बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच सॉस निर्माण होता मिला। यहां से 309 लीटर चिली सॉस (30,940 रुपये), 91 लीटर सोया सॉस (9,100 रुपये) और 52 लीटर वेजिटेबल सॉस (5,200 रुपये) जब्त कर तीन नमूने लिए गए। 170 लीटर खराब सॉस (कीमत 17,100 रुपये) मौके पर नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।