कानपुर आरटीओ छापा: ‘लगा जैसे आतंकी पकड़ा हो’, रेलवे लाइन तक बिछा दिया था पहरा, पुलिसकर्मियों से वकीलों की बहस
Kanpur News: आरटीओ कार्यालय में पुलिस और एसओजी ने इस अंदाज में छापा मारा कि लोगों को लगा मानो किसी आतंकी को पकड़ने की कार्रवाई चल रही हो। 20 से 25 पुलिसकर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर अचानक कार्यालय में दाखिल हुए। भागने के सभी रास्तों को सील करने के लिए ड्रोन से निगरानी रखी गई और रेलवे लाइन व मुख्य गेटों पर फोर्स तैनात की गई।
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कानपुर के आरटीओ दफ्तर में सोमवार को पुलिस की अचानक दस्तक से अफरातफरी मच गई। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी एक साथ पहुंचे। 20 से 25 जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर अचानक कार्यालय में दाखिल हुए, तो कर्मचारी और वाहन स्वामी भी सकते में आ गए।
कुछ देर तक लोगों को लगा कि पुलिस किसी आतंकी को पकड़ने पहुंची है। इसके बाद में पता चला कि यह पूरी तैयारी आरटीओ में सक्रिय दलालों पर शिकंजा कसने के लिए थी टीम ने छापे को इस तरह अंजाम दिया कि संदिग्धों को भागने का मौका न मिले।
रेलवे लाइन की तरफ भी रखी गई निगरानी
सोमवार सुबह करीब 10 बजे से ही सादी वर्दी में पुलिसकर्मी परिसर में पहुंच गए थे। सारथी भवन के पीछे रेलवे लाइन होने के कारण वहां से बाउंड्री फांदकर निकलने की संभावना को देखते हुए पहले ही पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। बाहर रेलवे लाइन की तरफ भी निगरानी रखी गई।
कुछ भाग निकले, जबकि कई पकड़े गए
दोपहर एक बजे पुलिस बल के साथ टीम के अंदर पहुंचते ही चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई। दोनों मुख्य गेटों पर पुलिस का पहरा रहा। ड्रोन से भी आसपास का क्षेत्र देखा गया। अचानक हुई कार्रवाई से बाहर बैठे दलालों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ भाग निकले, जबकि कई पकड़े गए।
पुलिसकर्मियों से वकीलों की हुई बहस
कार्रवाई के दौरान कुछ लोग खुद को वकील बताते हुए पकड़े गए लोगों को छुड़ाने पहुंचे। पुलिस वाहन के पास सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों से उन्हें छोड़ने को लेकर बहस भी की। बाद में दो-तीन अन्य वकील अधिकारियों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन उन्हें जांच पूरी होने तक इंतजार करने को कहा गया।
यदि भाई सही होगा, तो उसे छोड़ दिया जाएगा
कार्रवाई के दौरान एक अधिवक्ता कुछ साथियों के साथ सिपाहियों से भिड़ गया। अधिवक्ता का कहना था कि उनका भाई अपने निजी काम से आरटीओ दफ्तर आया था और पुलिस उसे भी दलाल समझकर साथ ले जा रही है। इस पर उन्हें समझाया गया कि यदि भाई सही होगा, तो उसे छोड़ दिया जाएगा।
सारथी भवन में ऑपरेटरों की जांच
आरटीओ कार्यालय के बाद टीम सारथी भवन पहुंची और स्क्रूटनी का काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के काउंटरों की जांच की। उनके आधार कार्ड से पहचान का सत्यापन किया गया और पूछताछ के बाद आई-कार्ड लौटा दिए गए।