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कानपुर: ट्रीटमेंट प्लांट पर 45 लाख का जुर्माना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जारी करेगा नोटिस
Sun, 10 Oct 2021 08:08 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 10 Oct 2021 08:08 PM IST
सार
एक सप्ताह से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की टीम जाजमऊ में संचालित ट्रीटमेंट प्लांट और निर्माणाधीन प्लांट की जांच कर रही है। पहली टीम सात से नौ अक्तूबर तक यहां रही।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : DavidOrr
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विस्तार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिनगवां में पांडु नदी के किनारे संचालित ट्रीटमेंट प्लांट के मानक के अनुरूप काम नहीं करने पर 45 लाख का जुर्माना लगाया है। जुर्माने का नोटिस 11 को जारी किया जाएगा। जिलाधिकारी विशाख जी ने जाजमऊ में निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से गंगा किनारे संचालित दूसरे ट्रीटमेंट प्लांट के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि 21 करोड़ लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला बिनगवां प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। जिसकी वजह से प्रदूषित पानी गंगा में जा रहा है।
इस पर उन्होंने बोर्ड को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल माथुर ने बताया कि यदि जुर्माने के बाद भी व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो संचालन करने वाली कंपनी एसजीपीजी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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एनएमसीजी की टीम कर रही निगरानी
एक सप्ताह से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की टीम जाजमऊ में संचालित ट्रीटमेंट प्लांट और निर्माणाधीन प्लांट की जांच कर रही है। पहली टीम सात से नौ अक्तूबर तक यहां रही। अब दूसरी टीम आई है, जो दो दिन तक यहां रहकर गंगा और उसके किनारे संचालित ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी करेगी।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से गंगा किनारे संचालित दूसरे ट्रीटमेंट प्लांट के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि 21 करोड़ लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला बिनगवां प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। जिसकी वजह से प्रदूषित पानी गंगा में जा रहा है।
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इस पर उन्होंने बोर्ड को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल माथुर ने बताया कि यदि जुर्माने के बाद भी व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो संचालन करने वाली कंपनी एसजीपीजी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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एनएमसीजी की टीम कर रही निगरानी
एक सप्ताह से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की टीम जाजमऊ में संचालित ट्रीटमेंट प्लांट और निर्माणाधीन प्लांट की जांच कर रही है। पहली टीम सात से नौ अक्तूबर तक यहां रही। अब दूसरी टीम आई है, जो दो दिन तक यहां रहकर गंगा और उसके किनारे संचालित ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी करेगी।