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कानपुर: रिटायर्ड डीएसपी की आय से दो गुनी मिली संपत्ति, एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने की जांच, एफआईआर दर्ज
Sun, 02 Jan 2022 04:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 02 Jan 2022 04:10 PM IST
सार
हमीरपुर निवासी मोहम्मद वसीम खान वर्तमान में रेल बाजार के हैरिसगंज इलाके में रहते हैं। वह पुलिस विभाग से 31 जनवरी 2016 को डीएसपी के पद से रिटायर्ड हुए थे। एंटी करप्शन लखनऊ यूनिट को इनके खिलाफ एक शिकायत मिली।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर के रेल बाजार थाने में एंटी करप्शन लखनऊ टीम ने रिटायर्ड डीएसपी मोहम्मद वसीम खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कराया है। गोपनीय शिकायत पर लखनऊ यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर ने मामले की जांच की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
केस की विवेचना एंटी करप्शन लखनऊ की यूनिट ही करेगी। मूलरूप से घसियारी, मौदहा हमीरपुर निवासी मोहम्मद वसीम खान वर्तमान में रेल बाजार के हैरिसगंज इलाके में रहते हैं। वह पुलिस विभाग से 31 जनवरी 2016 को डीएसपी के पद से रिटायर्ड हुए थे। एंटी करप्शन लखनऊ यूनिट को इनके खिलाफ एक शिकायत मिली।
जिसमें आरोप था कि रिटायर्ड डीएसपी के पास आय से अधिक की संपत्ति है। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन यूनिट की इंस्पेक्टर रेनु सिंह ने जांच की। जांच में सामने आया कि लोक सेवक के रूप में मोहम्मद वसीम खान न वैध स्रोतों से कुल 86 लाख 78 हजार 372 रुपये की आय अर्जित की। मगर जांच की गई तो कुल व्यय एक करोड़ 77 लाख 74 हजार 716 रुपये पाया गया।
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इसमें सभी संपत्तियां भी शामिल हैं। जांच के मुताबिक 90 लाख 96 हजार 344 रुपये यानी 404.81 फीसदी व्यय अधिक हुआ। इस तरह से रिटायर्ड डीएसपी जांच में दोषी पाए गए। रेल बाजार इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मोहम्मद वसीम खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। केस एंटी करप्शन लखनऊ की यूनिट को ट्रांसफर हो गया है। आगे की कार्रवाई एंटी करप्शन यूनिट करेगी।
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केस की विवेचना एंटी करप्शन लखनऊ की यूनिट ही करेगी। मूलरूप से घसियारी, मौदहा हमीरपुर निवासी मोहम्मद वसीम खान वर्तमान में रेल बाजार के हैरिसगंज इलाके में रहते हैं। वह पुलिस विभाग से 31 जनवरी 2016 को डीएसपी के पद से रिटायर्ड हुए थे। एंटी करप्शन लखनऊ यूनिट को इनके खिलाफ एक शिकायत मिली।
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जिसमें आरोप था कि रिटायर्ड डीएसपी के पास आय से अधिक की संपत्ति है। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन यूनिट की इंस्पेक्टर रेनु सिंह ने जांच की। जांच में सामने आया कि लोक सेवक के रूप में मोहम्मद वसीम खान न वैध स्रोतों से कुल 86 लाख 78 हजार 372 रुपये की आय अर्जित की। मगर जांच की गई तो कुल व्यय एक करोड़ 77 लाख 74 हजार 716 रुपये पाया गया।
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इसमें सभी संपत्तियां भी शामिल हैं। जांच के मुताबिक 90 लाख 96 हजार 344 रुपये यानी 404.81 फीसदी व्यय अधिक हुआ। इस तरह से रिटायर्ड डीएसपी जांच में दोषी पाए गए। रेल बाजार इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मोहम्मद वसीम खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। केस एंटी करप्शन लखनऊ की यूनिट को ट्रांसफर हो गया है। आगे की कार्रवाई एंटी करप्शन यूनिट करेगी।