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Kanpur: बर्ड फ्लू के खतरे को भांपते हुए चिड़ियाघर पहुंचे प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विशेष सतर्कता का निर्देश
Sun, 25 May 2025 11:02 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 25 May 2025 11:02 PM IST
सार
Kanpur News: प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। नियमित दवाओं का छिड़काव करने के साथ ही पक्षियों, शेर और बाघ के बाड़े पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
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कानपुर चिड़ियाघर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले दिनों बर्ड फ्लू को लेकर चर्चा में आए चिड़ियाघर का रविवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमुरी व राज्य चिड़ियाघर प्राधिकरण के सदस्य सचिव नीरज कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने चिड़ियाघर के अस्पताल, भंडारण गृह, झील को भी देखा। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने, नियमित रूप से दवाओं का छिड़काव करने, वन्यजीवों के व्यवहार पर नजर रखने को कहा। यह भी निर्देश दिया कि जैसे ही बर्ड फ्लू की रिपोर्ट आती है, उन्हें सूचित करें।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक किसी वन्यजीव में बर्ड फ्लू निकलने पर अन्य वन्यजीवों के नमूने लेकर जांच को भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे अधिक ध्यान पक्षियों के साथ शेर व बाघिनों के बाडों पर दिया। उन्होंने पूछा की कोई पक्षी मृत तो नहीं पाया गया है। सभी पशु-पक्षियों की नियमित जांच की जाए। अगर किसी वन्यजीव के व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दें, खाना कम खाए तो उसे तत्काल आइसोलेट करने को कहा। साथ ही उसके नमूनों की जांच भी की जाए। जिन बाड़ों में पक्षी हैं, वहां के तालाब की नियमित रुप से सफाई भी कराई जाए।
अधिकारियों को जानकारी दी गई कि शुक्रवार को एक नीलगाय के बच्चे की भी आपस में लड़ाई के दौरान घायल होने के बाद मौत हो गई। उसके नमूने भी एहतियात के तौर पर जांच के लिए भेजे गए हैं। चिड़ियाघर की निदेशक श्रद्धा यादव ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देशानुसार सतर्कता बढ़ा दी गई है। बताया कि राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल को भेजे गए वन्यवीजों के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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प्रधान मुख्य वन संरक्षक किसी वन्यजीव में बर्ड फ्लू निकलने पर अन्य वन्यजीवों के नमूने लेकर जांच को भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे अधिक ध्यान पक्षियों के साथ शेर व बाघिनों के बाडों पर दिया। उन्होंने पूछा की कोई पक्षी मृत तो नहीं पाया गया है। सभी पशु-पक्षियों की नियमित जांच की जाए। अगर किसी वन्यजीव के व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दें, खाना कम खाए तो उसे तत्काल आइसोलेट करने को कहा। साथ ही उसके नमूनों की जांच भी की जाए। जिन बाड़ों में पक्षी हैं, वहां के तालाब की नियमित रुप से सफाई भी कराई जाए।
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अधिकारियों को जानकारी दी गई कि शुक्रवार को एक नीलगाय के बच्चे की भी आपस में लड़ाई के दौरान घायल होने के बाद मौत हो गई। उसके नमूने भी एहतियात के तौर पर जांच के लिए भेजे गए हैं। चिड़ियाघर की निदेशक श्रद्धा यादव ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देशानुसार सतर्कता बढ़ा दी गई है। बताया कि राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल को भेजे गए वन्यवीजों के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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चिड़ियाघर में हाई अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
9 पशुओं के लिए गए सैंपल
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए रविवार को पशुपालन विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों के 9 सैंपल लिए गए। जिसे जांच के लिए बरेली भेज दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जनपद में कही भी पक्षियों की अस्वाभाविक मृत्यु नहीं हुई है। साथ ही किसी पोल्ट्री या पोल्ट्री उत्पाद के विपणन व आवागमन पर जिला प्रशासन ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए रविवार को पशुपालन विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों के 9 सैंपल लिए गए। जिसे जांच के लिए बरेली भेज दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जनपद में कही भी पक्षियों की अस्वाभाविक मृत्यु नहीं हुई है। साथ ही किसी पोल्ट्री या पोल्ट्री उत्पाद के विपणन व आवागमन पर जिला प्रशासन ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।