पहल: पेंशनरों के घर-घर जाकर जीवन प्रमाणपत्र बनवाएंगे पोस्टमैन, 1.39 लाख रुकी पेंशन होगी बहाल, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: कानपुर ईपीएफओ ने भारतीय डाक विभाग से समझौता किया है, जिसके तहत पोस्टमैन घर-घर जाकर 50 रुपये लेकर जीवन प्रमाण पत्र बनाएंगे। यह पहल 1.39 लाख रुकी हुई पेंशन को बहाल करने और पेंशनधारकों को राहत देने के लिए शुरू की गई है।
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कानपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भारतीय डाक विभाग से समझौता किया है। इसके तहत पोस्टमैन पेंशनरों के घर जाकर जीवन प्रमाण पत्र न जमा कर पाने वालों को चिह्नित करेगा। मौके पर मोबाइल एप के जरिये प्रमाण पत्र भी बनवाने में मदद करेगा। एक पेंशनधारक का जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने पर पोस्टमैन को ईपीएफओ 50 रुपये देगा। ईपीएफओ में पंजीकृत 6.32 लाख पेंशनरों में 1.39 लाख लोगों की पेंशन जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) न जमा कर पाने से रुकी हुई है।
पेंशनधारकों की पेंशन उनके खातों में पहुंचे। इसके लिए ही डाक विभाग के साथ नई व्यवस्था शुरू की गई है। सर्वोदयनगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में यह जानकारी अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बख्शी ने दी। बताया कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में ईपीएफओ के 6,32,052 पेंशनधारक हैं जिन्हें न्यूनतम एक हजार रुपये पेंशन मिलती है। इसमें 1.39 लाख पेंशनरों की पेंशन रुकी है। 38,342 पेंशनधारकों को तो पांच वर्षों से अधिक समय से पेंशन नहीं मिल पाई है।
घर-घर जाकर डीएलसी अपडेट करने की कवायद
ईपीएफओ की टीम ने घर-घर जाकर डीएलसी अपडेट करने की कवायद शुरू की है। कानपुर परिक्षेत्र में आने वाले 13 जिलों में 85581 रिटायर और नौकरी छोड़ चुके पेंशनधारक पूर्व कर्मचारी हैं। इनमें 20831 पेंशनधारकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा न होने से पेंशन नहीं मिल पा रही है। 64750 पेंशनरों को पेंशन मिल रही है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम गौतम, शाहिद इकबाल, क्षेत्रीय आयुक्त कुमार अभिषेक, पवन कुमार ने ईपीएफओ से जुड़े नियमों में हुए बदलावों की जानकारी दी।