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कानपुर: पुरवामीर कंपोजिट स्कूल की बदहाली, जमीन पर बैठने को मजबूर 246 छात्र, पेयजल और डेस्क की सुविधा भी नहीं
Thu, 15 Oct 2026 02:40 PM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:40 PM IST
सार
Kanpur News: सरसौल विकासखंड में सरकारी दावों के विपरीत प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था का जर्जर ढांचा उजागर हुआ है। ग्राम पुरवामीर स्थित कंपोजिट विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक पंजीकृत सभी 246 बच्चे जमीन पर टाट-पट्टी में बैठने को मजबूर पाए गए। स्कूल में फर्नीचर के नाम पर केवल शिक्षकों की कुर्सियां उपलब्ध हैं।
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पुरवामीर स्थित कंपोजिट विद्यालय
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। नरवल तहसील के कई विद्यालयों में बच्चों के बैठने तक के लिए फर्नीचर नहीं है, पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में बच्चे हाईवे पर पानी के लिए भटकते नजर आते हैं। यही वजह है कि सरकारी स्कूलों से बच्चों की संख्या लगातार घट रही है।
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अमर उजाला की पड़ताल में विकासखंड सरसौल के ग्राम पुरवामीर स्थित कंपोजिट विद्यालय की स्थिति बेहद खराब मिली। कक्षा एक से आठ तक के सभी 246 बच्चे जमीन पर बैठे मिले। विद्यालय में फर्नीचर के नाम पर सिर्फ अध्यापकों के लिए कुर्सियां हैं, बच्चों के लिए एक भी डेस्क-बेंच नहीं है।
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