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Kanpur: बाबर पर पुलिस मेहरबान, न बनाया गैंगस्टर न खुली हिस्ट्रीशीट, नई सड़क बवाल समेत आठ मुकदमे हैं दर्ज
Mon, 30 Jan 2023 08:25 AM IST
शिखा पांडेय
वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर
वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 30 Jan 2023 08:25 AM IST
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शातिर अपराधी बाबर
- फोटो : अमर उजाला
डी-टू गैंग की कमान संभाल रहे मूलगंज निवासी बाबर पर कमिश्नरी पुलिस मेहरबान है। अपराधियों को अवैध असलहों की सप्लाई, नई सड़क बवाल और आगजनी में वांछित चल रहे बाबर पर पुलिस आज तक न तो गैंगस्टर की कार्रवाई कर सकी, न ही हिस्ट्रीशीट खोल सकी है, जबकि उसके ऊपर आठ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
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शातिर अपराधी बाबर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए रईस बनारसी का भांजा है। वह पूर्वांचल के अपराधियों को विदेशी असलहा सप्लाई करता था। एटीएस ने वर्ष 2012 में विदेशी हथियारों की तस्करी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाबर के सप्लाई किए गए हथियार इतने असली दिखाई देते थे कि कई शस्त्र विक्रेताओं ने असली बताकर उन्हें बेचना भी शुरू कर दिया था। इसका खुलासा एटीएस ने किया था। डेढ़ साल पहले ही बाबर जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया है।
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बीते साल तीन जून को नई सड़क और दादा मियां के हाते में हुए बवाल में उपद्रवियों को असलहा मुहैया कराने के आरोप में पुलिस ने उसपर मुकदमा दर्ज किया था। हाल ही में पुलिस ने जाजमऊ के डिफेंस कॉलोनी में हुए आगजनी के मामले में उसे आरोपी बनाया है। इसी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी मुख्य आरोपी हैं। आठ मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसे अबतक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। न ही हिस्ट्रीशीट खोली है।
सजायाफ्ता आरोपी फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पुलिस रेगुलेशन में सजायाफ्ता के निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीटर खोली जानी चाहिए, लेकिन पुलिस ने अभी तक ना तो उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है न ही गैंग रजिस्ट्रेशन करा सकी है।
एटीएस ने पकड़ा था खेल
2012 में एटीएस ने बाबर को गिरफ्तार कर खुलासा किया था उसने कानपुर की गुरुरामदास आर्मरी और लखनऊ की नेशनल आर्मरी में खुद के बनाए हथियार सप्लाई किए थे। इन आर्मरी से बाकायदा सरकारी शस्त्र लाइसेंस पर फर्जी असलहे जारी किए गए थे।
सजायाफ्ता आरोपी फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पुलिस रेगुलेशन में सजायाफ्ता के निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीटर खोली जानी चाहिए, लेकिन पुलिस ने अभी तक ना तो उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है न ही गैंग रजिस्ट्रेशन करा सकी है।
एटीएस ने पकड़ा था खेल
2012 में एटीएस ने बाबर को गिरफ्तार कर खुलासा किया था उसने कानपुर की गुरुरामदास आर्मरी और लखनऊ की नेशनल आर्मरी में खुद के बनाए हथियार सप्लाई किए थे। इन आर्मरी से बाकायदा सरकारी शस्त्र लाइसेंस पर फर्जी असलहे जारी किए गए थे।