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Kanpur Police Extortion Gang: एसटीएफ के नाम पर रौब गांठ कर रहे थे वसूली, कई बार हो चुकी थी शिकायत

Sun, 25 Dec 2022 09:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 25 Dec 2022 09:40 AM IST
सार

गोविंदनगर थाना क्षेत्र में परचून दुकानदार रघुवीर चंद्र कपूर के अपहरण के मामले के आरोपी दोनों सिपाही दागी हैं, फिर भी ड्यूटी मिली थी। दोनों आरोपी सिपाही निलंबित थे। एक की अक्तूबर में, तो दूसरे की दिसंबर में ही बहाली हुई थी। 

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Kanpur Police Extortion Gang, Robbers were doing extortion in the name of STF
kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के गोविंदनगर में परचून दुकानदार रघुवीर चंद्र कपूर के अपहरण का कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर के कई लोग ऐसे हैं जो ऐसे कई पुलिस कर्मियों केचंगुल में फंसकर लाखों रुपये गवां चुके हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद ज्वाइंट सीपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं।

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कमिश्नरी  के कुछ पुलिसकर्मियों का नया खेल उजागर हुआ है। ये पुलिसकर्मी शहर में अलग-अलग जगह दबिश देकर जब लोगों को उठाते हैं, तो खुद को एसटीएफ से बताते हैं। पिछले कुछ दिनों में ऐसे 15 मामले सामने आए हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब उठाए गए लोगों के परिजनों ने एसटीएफ से संपर्क किया था।
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इसको लेकर एसटीएफ के अफसर परेशान हैं। एसटीएफ कानपुर यूनिट में तैनात एक पुलिस अफसर ने बताया कि कुछ समय पहले आर्य नगर से एक बाजपेई नाम का शख्स उठाया गया था। कल्याणपुर में वाहन चोर पकड़े थे। इस तरह के 12 और मामले हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों ने खुद को एसटीएफ का बताया।

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एसटीएफ के नाम पर रौब गांठ कर रहे वसूली
कमिश्नरी के कई पुलिसकर्मी विवादों से घिरे रहे हैं। एटीएम हैकर गिरोह में शामिल हेड कांस्टेबल अमित फरार है। सिपाही राजीव यादव समेत दो सिपाहियों की जांच चल रही है। वहीं हाल में बदमाश अंकित लाला का करीबी क्राइम ब्रांच में तैनात रहा दरोगा मोहम्मद आसिफ निलंबित भी किया जा चुका है।

वहीं, परचून व्यापारी के अपहरण के मामले में जेल भेजे गए मुकेश और कोतवाली थाने में तैनात अमित का भी एटीएम हैकर गिरोह में नाम सामने आया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि विवादों में घिरे ये पुलिसकर्मी खुद को एसटीएफ का बता लोगों को उठाते हैं। इसके बाद वसूली का खेल कर रहे हैं।

दोनों सिपाही दागी, फिर भी मिली ड्यूटी
परचून दुकानदार का अपहरण कर वसूली के मामले के आरोपी सिपाही मुकेश और अमित दोनों ही दागदार हैं। अमित पर 2020 में किदवईनगर थाने में अपहरण कर फिरौती मांगने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी तरह उसने किसीका अपहरण कर फिरौती मांगी थी।

इस मामले में निलंबित कर दिया गया था। फिर भी उसे कोतवाली में तैनाती दे दी गई। अक्तूबर माह में बहाली भी कर दी गई थी इसके बावजूद वह गैर हाजिर चल रहा था। वहीं, आरोपी सिपाही मुकेश कुमार मूलरूप से प्रयागराज के शिवकुटी का रहने वाला है। वर्तमान में यशोदानगर में रहता है।

वर्ष 2017-2019 में वह गोविंदनगर, 2019 में बिधनू तथा वर्ष 2020 में चकेरी में तैनात रहा था। इस दौरान एटीएम हैकरों से सांठगांठ होने के आरोप में जांच के बाद वह निलंबित कर दिया गया था। 12 दिसंबर को ही उसे बहाल कर फीलाखाना थाने में तैनाती की गई थी।

मुकेश पहले भी कई मामलों में विवादों से घिरा रहा है, वह जेल भी जा चुका है। सवाल है कि एफआईआर होने और निलंबन की कार्रवाई के बाद भी दागदार पुलिस वालों को तैनाती दी गई। मुकेश तो विभाग में ही ब्लैक लिस्ट किया जा चुका था फिर भी उसे तैनाती कैसे दे दी गई।

मई से बन रही है दागदार पुलिसकर्मियों की सूची
पुलिस कमिश्नर के पास एसटीएफ बताकर कभी व्यापारी तो कभी छोटे मोटे अपराधी को उठाकर वसूली करने के कई मामले पहुंच चुके हैं। मई में ज्वाइंट सीपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। तबसे सूची ही विभाग तैयार कर रहा है, दागदार पुलिस वाले वसूली का खेल खेलते जा रहे हैं।

दागी पुलिसकर्मियों की लिस्ट तैयार की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।  -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर

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