Kanpur: पुलिस में बड़ी सर्जरी की तैयारी; 8 थानेदारों की कुर्सी पर लटकी तलवार, शनिवार को 'कयामत की रात'!
Kanpur News: कानपुर कमिश्नरेट में शनिवार को होने वाली अपराध समीक्षा बैठक कई थाना प्रभारियों के लिए भारी पड़ सकती है। सूत्रों के अनुसार कमिश्नरी पुलिस के आठ थानेदार अधिकारियों के रडार पर हैं और क्राइम मीटिंग के बाद उनकी जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
विस्तार
कमिश्नरी पुलिस के आठ थानेदार रडार पर हैं। उनकी शनिवार को होने वाली क्राइम मीटिंग के बाद कुर्सी छीन सकती है। इनमें पश्चिम जोन के तीन, सेंट्रल व साउथ जोन के दो-दो और पूर्वी जोन के एक थानेदार शामिल हैं। दो एसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जा सकता है। उनमें से एक लंबे समय से शहर में तैनात हैं। उनका नाम गैर जनपद ट्रांसफर की सूची में चल रहा है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल शनिवार को अपराध समीक्षा लेंगे। इसमें जहां थानेदारों से लूट, चोरी, हत्या जैसे बड़े अपराध का गुडवर्क और घटनाओं के खुलासे न होने पर सवाल जवाब होंगे, वहीं मारपीट, पति पत्नी के विवाद, दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई का ब्योरा लिया जाएगा।
पिछली क्राइम मीटिंग में पुलिस कमिश्नर ने कई थानेदारों को चेतावनी दी थी। उन्हें कार्यशैली में सुधार लाने और बेहतर वर्कआउट करने का निर्देश दिया था। उनमें से कुछ थानेदारों का रवैया पहले जैसा ही है। उनके खिलाफ वादी और पीड़ित पुलिस कार्यालय आकर शिकायतें कर रहे हैं।
एक थानेदार के खिलाफ एसीपी और एडीसीपी ने पारिवारिक मामले में पीड़ित को ही हड़काने की शिकायत की हैं। क्राइम मीटिंग में साइबर अपराध, वारंटियों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट ली जाएगी। पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों के संबंध में आख्या ली जा सकती है। रडार पर आए थानेदारों को पुलिस कार्यालयों और क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्हें अन्य सेल में भेजा जा सकता है।
कमिश्नरी पुलिस के थानेदारों को सुबह दस से दोपहर दो बजे तक सीयूजी नंबर को ऑनलाइन मीटिंग से जोड़े रखने के निर्देश हैं। यह व्यवस्था लागू हो गई है। हर दिन पुलिस कमिश्नरप्रार्थना पत्र लेकर आने वालों की शिकायतों पर सीधे थानेदारों से सवाल जवाब और उन्हें निर्देशित करते हैं। इस व्यवस्था से पीड़ित के किसी तरह के आरोपों का पटाक्षेप भी तुरंत हो जाता है।
इन बिंदुओं पर कसेगा शिकंजा
शनिवार को होने वाली बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर जवाब-तलब होगा:
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गुडवर्क का अभाव: संगीन अपराधों के खुलासे में देरी।
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साइबर अपराध: लंबित मामलों की बढ़ती संख्या।
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हिस्ट्रीशीटर व वारंटी: फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी न होना।
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पीड़ितों से व्यवहार: जनसुनवाई में लापरवाही और दुर्व्यवहार।
'ऑनलाइन' पहरे में थानेदार: 10 से 2 बजे तक रहना होगा कनेक्ट
पुलिस कमिश्नर ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक सभी थानेदारों को अपने सीयूजी नंबर के साथ ऑनलाइन मीटिंग मोड पर रहना होगा। जब भी कमिश्नर कार्यालय में कोई पीड़ित अपनी शिकायत लेकर पहुंचता है, अधिकारी तुरंत वीडियो या ऑडियो कॉल के जरिए संबंधित थानेदार से सवाल-जवाब करते हैं। इस 'फेस-टू-फेस' सुनवाई ने कई थानेदारों की लापरवाही की पोल खोल दी है।