UP: अखिलेश संग जमीन कारोबार में जुड़े दो लोग पुलिस ने उठाए, कूटरचित दस्तावेज और डील कराने के मिले सबूत
Kanpur News: पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों व्यक्ति मॉल बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उसके लिए जगह देखी जा रही थी। एक जगह चिह्नित हुई लेकिन बाद में वह सरकारी निकली। इस मॉल में कई दुकानें, कांप्लेक्स और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोलने की तैयारी थी।
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कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे के साथ जमीन के कारोबार से जुड़े दो लोगों को पुलिस ने सोमवार देर रात उठाया है। एक सिविल लाइंस और दूसरा दक्षिण क्षेत्र का निवासी है। पुलिस को इनके खिलाफ जमीन के कूटरचित दस्तावेज बनाने और डील कराने के सबूत मिले हैं। दोनों के खिलाफ भाजपा नेता रवि सतीजा, होटल व्यवसायी सुरेश पाल, संस्था के महामंत्री शैलेंद्र कुमार और अन्य गवाहों ने जानकारी दी है।
एक के खिलाफ एसआईटी के पास भी शिकायत पहुंची है। एसआईटी की टीम झूठे मामले में एफआईआर कराकर जबरन वसूली करने के मामलों की जांच कर रही है। इनमें से सात की जांच के बाद एफआईआर हो चुकी है। यह मामले अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों से जुड़े हुए थे।
खुद सामने नहीं आए, लेकिन भूमिका कम नहीं
इन्हीं जांच में सिविल लाइंस और दक्षिण के दो लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनाेें ने प्लॉट और संपत्ति के दस्तावेज बनाने व डील कराने में सहयोग किया है। यह खुद सामने भले ही नहीं आए, लेकिन इनकी भूमिका भी कम नहीं है। एसआईटी के अधिकारी अब जांच कर रहे हैं कि झूठी रिपोर्ट कराने में दोनों का कितना सहयोग रहा है।
कुछ प्लॉट बिकवाने और कुछ को खरीदने में फंडिंग तक की
एक के साथ पूर्व में एफआईआर कराने वाली युवती से बातचीत के भी रिकार्ड मिले हैं। दोनों व्यक्तियों से देर रात तक पूछताछ हुई। पता चला है कि दोनों ने अपना चेहरा आगे कर कई रसूखदारों और सरकारी कर्मचारियों की अखिलेश दुबे से मुलाकात कराई थी। सूत्र बताते हैं कि कुछ प्लॉट बिकवाने और कुछ को खरीदने में फंडिंग तक की गई है।
दोनों ने अहम जानकारियां दी हैं
यह प्लॉट नौबस्ता, यशोदानगर, किदवईनगर, गोविंदनगर, ग्वालटोली, नवाबगंज में खरीदे गए हैं। इनमें से ज्यादातर विवादित रहे हैं। कुछ का पारिवारिक झगड़ा तो कुछ में किरायेदारी और मकान मालिक का विवाद था। पुलिस, प्रशासनिक कर्मचारियों, कुछ अधिवक्ताओं व पत्रकारों के साथ मिलकर खरीदने और बेचने का खेल किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों ने कई अहम जानकारियां दी हैं।
मॉल बनाने की चल रही थी प्लानिंग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों व्यक्ति मॉल बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उसके लिए जगह देखी जा रही थी। एक जगह चिह्नित हुई लेकिन बाद में वह सरकारी निकली। इस मॉल में कई दुकानें, कांप्लेक्स और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोलने की तैयारी थी।