पुलिस के गुडवर्क पर सवाल?: सेटिंग कर चार आरोपियों को छोड़ने का आरोप, एडिशनल एसपी को मिली जांच
घाटमपुर पुलिस के गुडवर्क पर अब सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस पर सेटिंग कर चार आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगायागया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी ने एडिशनल एसपी को जांच सौंपी है।
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कानपुर में घाटमपुर पुलिस के गुडवर्क पर प्रश्नचिह्न लग गया। इस पर एसपी ने एडिशनल एसपी को जांच सौंपी है। साथ ही पांच दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। सात सितंबर को घाटमपुर पुलिस ने ढाबों पर ट्रकों और टैंकरों से डीजल चुराकर बेचने वालों को गिरफ्तार किया था।
इनमें बकेवर फतेहपुर भैंसौली के विसरौली निवासी आशीष, नर्वल परसदेपुर हृदयखेड़ा निवासी राजेश सिंह, महाराजपुर रहनस सरसौल निवासी दीपक, हृदयखेड़ा नर्वल निवासी रवींद्र प्रताप सिंह शामिल थे, जिनको पुलिस ने जेल भेजा था।
हालांकि इस गुडवर्क से पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ, जिसमें घाटमपुर सीओ समेत थाना पुलिस पर आरोप लगा कि इस मामले में पांच दिन पहले आठ आरोपियों को पकड़ा गया था। इसमें चार से सेटिंग होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और जिनसे वसूली नहीं हो सकी उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी कानपुर आउटर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीशनल एसपी को जांच सौंपी है। साथ ही पांच दिनों रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि पुलिस ने ढाबों पर ट्रकों और डीजल टैंकरों से डीजल चुराकर उसे बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
कई बड़ों के आए थे फोन
एसपी कानपुर आउटर ने बताया कि मैसेज वायरल होने के बाद उन्होंने सीओ समेत घाटमपुर पुलिस से फौरी तौर पर पूछताछ की। इस पर पुलिस अधिकारी व अन्य अफसरों ने बताया कि मुख्य आरोपी को छोडने के लिए कई बड़ों के फोन आए मगर उसे छोड़ा नहीं गया। वहीं, जिन्हें छोड़ा गया उनका आरोप तय नहीं था।
फौरी पूछताछ में कुछ नहीं निकला है। इस मामले की जांच एडीशनल एसपी को सौंपी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि पांच दिन में वह रिपोर्ट दाखिल करेंगे। उसमें कोई भी पुलिस कर्मी आरोपी निकलता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -तेज स्वरूप सिंह, एसपी कानपुर आउटर