kanpur: अगोरा फार्मास्युटिकल कंपनी के मालिक ने फंदे से लटककर दी जान, इस बात से तनाव में थे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के बड़े दवा कारोबारियों में से एक अगोरा फार्मास्युटिकल कंपनी के मालिक अविनाश पुरवार (52) ने शुक्रवार देर शाम फंदे से लटककर जान दे दी। उनका शव घर के प्रथम तल पर बने ड्राइंग रूम में पंखे के कुंडे से लटकता मिला। परिजनों का कहना है कि वे पैरालिसिस अटैक के चलते पिछले दो साल से डिप्रेशन में थे।
पुलिस ने शनिवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अविनाश पुरवार पत्नी अंजू, बेटे कार्तिक व बेटी पूर्णिमा के साथ के ब्लॉक किदवईनगर में रहते थे। कार्तिक लखनऊ से एमबीए और बेटी पूर्णिमा जयपुर से बीटेक कर रही है। घर के पड़ोस में ही उनकी कंपनी का कार्यालय है।
परिजनों के अनुसार शुक्रवार शाम उनकी पत्नी सत्संग गईं थीं। देर शाम जब वे लौटीं तो अविनाश कहीं नजर नहीं आए। अंजू जब ऊपर के तल पर पहुंचीं तो उनका शव लटकता मिला। फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नौबस्ता थाना प्रभारी संजय पांडेय का कहना है कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूछताछ में पता चला कि अविनाश को दो साल पहले पैरालिसिस का अटैक पड़ा था। इसके बाद से वे तनाव में थे।
पिता की मौत की खबर सुनकर घर पहुंचे बच्चे
अविनाश की मौत की सूचना पर बेटा कार्तिक शुक्रवार देर रात लखनऊ से आ गया। वहीं बेटी पूर्णिमा जयपुर से शनिवार को घर पहुंची। उनकी कंपनी में तैनात सैकड़ों कर्मचारियों की भीड़ भी घर के बाहर लगी रही। शनिवार शाम को भैरव घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे दामाद अंशुल पुरवार का कहना था कि घर में किसी चीज की कमी नहीं थी। वे हंसमुख स्वभाव के थे। ऐसे कभी लगा नहीं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेंगे। उनके बड़े अश्वनी पुरवार परिवार के साथ अकबरपुर में रहते हैं।