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कानपुर: अब 12वीं के बाद सीधे लें एमएससी में प्रवेश, नए सत्र से बदलेगा कानपुर यूनिवर्सिटी का स्वरूप
Sun, 07 Feb 2021 08:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Feb 2021 08:43 PM IST
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सीएसजेएमयू
- फोटो : गूगल
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय अब इंटर पास छात्र को एमएससी की डिग्री सिर्फ चार साल में देने की तैयारी में है। इंटर पास करने वाला छात्र बीएससी के बजाय सीधे एमएससी में दाखिला लेगा और उसे चार साल में डिग्री मिल जाएगी।
आमतौर पर बीएससी और फिर एमएससी करने में पांच साल का समय लगता है। अभी एमएससी का यह कोर्स सिर्फ इलेक्ट्रानिक्स और कंप्यूटर साइंस के लिए डिजाइन किया गया है। ये कोर्स यूआईईटी के शिक्षकों ने डिजाइन किया है। एमएससी इलेक्ट्रानिक्स का कोर्स इस बार शुरू हो गया है।
30 सीट में से 17 पर दाखिला हुआ है। अगले सत्र से एमएससी कंप्यूटर साइंस भी शुरू हो जाएगा। इसमें भी 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस कोर्स पर कार्य परिषद में मुहर लगना बाकी है। इससे इन दोनों ब्रांचों के उन छात्रों को मदद मिलेगी, जिन्हें पीएचडी करनी होती है लेकिन बीटेक में कंप्यूटर साइंस ब्रांच नहीं मिल पाती थी।
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साथ ही नए सत्र से नई शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू की जाएगी। पढ़ाई के साथ साथ छात्रों को चरित्र निर्माण की शिक्षा दी जाएगी। वहीं, हर उम्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की ट्रेनिंग विवि में मिलेगी। एमएसएमई के साथ एमओयू भी हो चुका है। लोगों को गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग की जानकारी दी जाएगी।
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आमतौर पर बीएससी और फिर एमएससी करने में पांच साल का समय लगता है। अभी एमएससी का यह कोर्स सिर्फ इलेक्ट्रानिक्स और कंप्यूटर साइंस के लिए डिजाइन किया गया है। ये कोर्स यूआईईटी के शिक्षकों ने डिजाइन किया है। एमएससी इलेक्ट्रानिक्स का कोर्स इस बार शुरू हो गया है।
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30 सीट में से 17 पर दाखिला हुआ है। अगले सत्र से एमएससी कंप्यूटर साइंस भी शुरू हो जाएगा। इसमें भी 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस कोर्स पर कार्य परिषद में मुहर लगना बाकी है। इससे इन दोनों ब्रांचों के उन छात्रों को मदद मिलेगी, जिन्हें पीएचडी करनी होती है लेकिन बीटेक में कंप्यूटर साइंस ब्रांच नहीं मिल पाती थी।
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साथ ही नए सत्र से नई शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू की जाएगी। पढ़ाई के साथ साथ छात्रों को चरित्र निर्माण की शिक्षा दी जाएगी। वहीं, हर उम्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की ट्रेनिंग विवि में मिलेगी। एमएसएमई के साथ एमओयू भी हो चुका है। लोगों को गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग की जानकारी दी जाएगी।