Kanpur Nikay Chunav: कानपुर में बढ़ा सपा का कद, महापौर चुनाव में अब तक के रिकॉर्ड वोट, पांच पार्षद भी बढ़े
Kanpur News: निकाय चुनाव में हार के बाद भी सपा ने रिकॉर्ड बनाया है। दरअसल, पहली बार सपा प्रत्याशी ने ढाई लाख से ज्यादा वोट प्राप्त किए हैं। बता दें कि वंदना बाजपेई को दो लाख 62 हजार 507 वोट मिले। सपा की पहली महापौर प्रत्याशी को दो लाख 146 वोट मिले थे।
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कानपुर में सपा की महापौर प्रत्याशी वंदना बाजपेई दूसरे स्थान पर रही हैं। हार के बाद भी सपा ने इस चुनाव में रिकॉर्ड बनाया है। सपा महापौर प्रत्याशी को दो लाख 62 हजार 507 मिले हैं। ढाई लाख का आंकड़ा निकाय चुनाव में सपा ने पहली बार पार किया है।
इसके पहले पार्टी की महापौर प्रत्याशी को सर्वाधिक दो लाख से ज्यादा वोट मिले थे। सपा ने गठन के बाद पहली बार निकाय चुनाव में हिस्सेदारी वर्ष 1996 में की थी। महापौर की प्रत्याशी ऊषा रत्नाकर शुक्ला थीं। नगर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ला ने बताया कि ऊषा शुक्ला को दो लाख 146 वोट मिले थे।
उसके बाद अगले चुनाव में वरिष्ठ व्यापारी नेता सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को महापौर का प्रत्याशी बनाया गया। उन्हें एक लाख 99 हजार वोट मिले। 2017 के चुनाव में सपा की माया गुप्ता को एक लाख 46 हजार के आसपास वोट मिले थे। इस बार सपा ने ढाई लाख का आंकड़ा पार कर दिया है।
सपा के पांच पार्षद बढ़े, अबकी बार 17
इस बार निकाय चुनाव में सपा के पांच पार्षद बढ़े हैं। पिछली बार सपा के 12 पार्षद थे और इस बार 17 हो गए हैं। तीन पार्षद कैंट, एक किदवईनगर और एक पार्षद कल्याणपुर में बढ़ा है। सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में पिछली बार की तरह इस बार भी दो पार्षद हैं।
महाराजपुर में नहीं खुला है खाता
महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र इकलौता ऐसा है, जहां सपा खाता नहीं खोल पाई है। यहां के 16 वार्डों में एक भी पार्षद सपा का नहीं जीता। सपा के नगर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ला ने बताया कि एक प्रत्याशी को सिंबल देर से मिला है, वह घंटी पर चुनाव लड़ा था। वह भी चुनाव जीता है। लेकिन उसे गिनती में शामिल नहीं किया गया है।