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Kanpur News: बंद रहीं जाजमऊ की टेनरियां, आज आ सकता है खुलने का आदेश
Mon, 19 Sep 2022 07:49 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 19 Sep 2022 07:49 AM IST
सार
प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टेनरी संचालकों का प्रतिनिधिमंडल टूटे इरीगेशन चैनल के रिपेयर का निरीक्षण करेगा। इसके बाद अगर सब कुछ ठीक रहा तो टेनरी शुरू करने की संस्तुति शासन से की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शोधन संयंत्र का इरीगेशन चैनल टूटने के बाद से बंद चल रही जाजमऊ की सभी 213 टेनरियों के सोमवार को फिर से शुरू होने के आदेश जारी हो सकता है। सोमवार को प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टेनरी संचालकों का प्रतिनिधिमंडल टूटे इरीगेशन चैनल के रिपेयर का निरीक्षण करेगा। इसके बाद अगर सब कुछ ठीक रहा तो टेनरी शुरू करने की संस्तुति शासन से की जाएगी।
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शासन के आदेश के बाद बंदी का आदेश वापस ले लिया जाएगा। बता दें, गुरुवार और शुक्रवार की रात इरीगेशन चैनल का गेट टूटने के बाद करीब 20 करोड़ लीटर गंदा पानी गंगा में बह गया था। इस घटना के बाद चैनल के ठीक होने तक टेनरियों को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि बंदी के बाद भी टेनरियों का संचालन जारी रहा और अगले दिन भी गंदा पानी गंगा में गिरता रहा। प्रशासन ने शनिवार को सख्ती कर टेनरियों को हर हाल में बंद रखने या कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा जिसके बाद संचालन बंद हो गया।
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इसलिए टूट गया था गेट
एसटीपी का संचालन कर रही केआरएमपीएल (कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने 15 सितंबर को सीवेज एफ्लुएंट प्लांट में नया गेट लगाने के लिए इरीगेशन चैनल के गेट से सटाकर कई फीट गहरे गड्ढे खोद दिए। शोधित होकर आने वाले पानी के साथ तेज बारिश से आए पानी की वजह से गेट टूट गया। इस वजह से प्लांट से पानी एयरफोर्स नाले के जरिये सीधे गंगा में जाने लगा। जल निगम के अधिकारियों का मानना है कि यदि ठेकेदार ने इरीगेशन चैनल से सटाकर खुदाई न करने रैंप बनाकर खुदाई कराई होती तो गेट न टूटता और गंगा में पानी न जाता।
जाजमऊ एसटीपी से गंगा में गंदा पानी जाना रुका
टेनरियों की बंदी के आदेश के बावजूद जाजमऊ एसपीटी से गंदा पानी गंगा में जा रहा था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद अफसरों ने रविवार को गंगा में गंदा पानी जाना बंद कराया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसर दिनभर निगरानी करते रहे। 19 सितंबर को एडीएम (सिटी) की अध्यक्षता वाली कमेटी पुन: एसटीपी का निरीक्षण करेगी।
एसटीपी का संचालन कर रही केआरएमपीएल (कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने 15 सितंबर को सीवेज एफ्लुएंट प्लांट में नया गेट लगाने के लिए इरीगेशन चैनल के गेट से सटाकर कई फीट गहरे गड्ढे खोद दिए। शोधित होकर आने वाले पानी के साथ तेज बारिश से आए पानी की वजह से गेट टूट गया। इस वजह से प्लांट से पानी एयरफोर्स नाले के जरिये सीधे गंगा में जाने लगा। जल निगम के अधिकारियों का मानना है कि यदि ठेकेदार ने इरीगेशन चैनल से सटाकर खुदाई न करने रैंप बनाकर खुदाई कराई होती तो गेट न टूटता और गंगा में पानी न जाता।
जाजमऊ एसटीपी से गंगा में गंदा पानी जाना रुका
टेनरियों की बंदी के आदेश के बावजूद जाजमऊ एसपीटी से गंदा पानी गंगा में जा रहा था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद अफसरों ने रविवार को गंगा में गंदा पानी जाना बंद कराया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसर दिनभर निगरानी करते रहे। 19 सितंबर को एडीएम (सिटी) की अध्यक्षता वाली कमेटी पुन: एसटीपी का निरीक्षण करेगी।