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ईशन-नोन नदी समेत नहरों-रजबहों में पानी नहीं
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बिल्हौर। तहसील क्षेत्र की प्रमुख ईशन और नोन नदी सहित निचली गंग नहर और इससे निकले रजबहों-माइनरों में पानी न होने से क्षेत्र के कई गांवों के किसान गेहूं और आलू की फसल महंगे डीजल और सबमर्सिबल पंप से सींचने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय किसानों ने अफसरों से जल्द से जल्द सिल्ट सफाई का काम पूरा करने की गुहार सिंचाई लगाई है।
क्षेत्र की प्रमुख ईशन नदी सूख जाने से क्षेत्र के बारंडा, मकनपुर, इलियासपुर, खाड़ामऊ, पिहानी, रौगांव, देवहा, बेर्रा, नसिरापुर, ददिखा, महिगवां, गुलाबपुरवा, गदनापुर आदि गांव की गेहूं और आलू फसल सिंचाई के लिए किसान परेशान बने हैं। नदी में पानी न होने से किसान निजी ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करने को मजबूर हैं। इसी तरह निचली गंग नहर में सिल्ट सफाई का काम चालू होने के कारण इससे निकलने वाले तहसील क्षेत्र के सभी रजबहे और माइनर सूखे पड़े हैं। इस कारण का ककवन, शिवराजपुर और चौबेपुर के हजारों किसान बिन पानी के फसलों की सिंचाई डीजल पंपों से करने को मजबूर हैं।
ककवन के किसान राजू, सर्वेश, दिनेश और रामकुमार ने बताया कि नहर में पानी न होने से 150 रुपये प्रति घंटे की दर से डीजल पंपों से सिचाई करनी पड़ रही है इससे फसल की लागत बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग के अफसरों से सिल्ट सफाई का काम जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है। मामले में अधिशासी अधिकारी सिंचाई जीसी अग्रवाल ने बताया कि सिल्ट सफाई का काम अंतिम चरण में है, पूर्ण होते ही दिसंबर के अंत तक पानी आने की संभावना है।
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क्षेत्र की प्रमुख ईशन नदी सूख जाने से क्षेत्र के बारंडा, मकनपुर, इलियासपुर, खाड़ामऊ, पिहानी, रौगांव, देवहा, बेर्रा, नसिरापुर, ददिखा, महिगवां, गुलाबपुरवा, गदनापुर आदि गांव की गेहूं और आलू फसल सिंचाई के लिए किसान परेशान बने हैं। नदी में पानी न होने से किसान निजी ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करने को मजबूर हैं। इसी तरह निचली गंग नहर में सिल्ट सफाई का काम चालू होने के कारण इससे निकलने वाले तहसील क्षेत्र के सभी रजबहे और माइनर सूखे पड़े हैं। इस कारण का ककवन, शिवराजपुर और चौबेपुर के हजारों किसान बिन पानी के फसलों की सिंचाई डीजल पंपों से करने को मजबूर हैं।
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ककवन के किसान राजू, सर्वेश, दिनेश और रामकुमार ने बताया कि नहर में पानी न होने से 150 रुपये प्रति घंटे की दर से डीजल पंपों से सिचाई करनी पड़ रही है इससे फसल की लागत बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग के अफसरों से सिल्ट सफाई का काम जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है। मामले में अधिशासी अधिकारी सिंचाई जीसी अग्रवाल ने बताया कि सिल्ट सफाई का काम अंतिम चरण में है, पूर्ण होते ही दिसंबर के अंत तक पानी आने की संभावना है।
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