{"_id":"5fa2fdc28ebc3e9bb925a270","slug":"kanpur-news-dehat-news-knp592479270","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों की देखरेख के तरीके बताए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों की देखरेख के तरीके बताए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवराजपुर (बिल्हौर)। राजकीय कृषि बीज भंडार में बुधवार को ब्लाक स्तरीय कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को फसलों की देखरेख करने के तरीके बताए गए और फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।
विकास खंड परिसर में आयोजित बैठक में डॉ. यूएन पांडे ने बताया कि किसान आलू लगाने के साथ-साथ गेहूं की फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं, गेहूं का बीज हमेशा प्रमाणित ही खरीदें घर में रखे हुए गेहूं की बुवाई बिल्कुल न करें, उन्होंने अंधाधुंध उर्वरकों के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। वैज्ञानिक चंद्रशेखर ने किसानों को फसल अवशेष को खेतों में जलाने से संबंधित हानियों के बारे में बताया, कहा कि आग लगाने से खेतों में मौजूद केंचुए मर जाते हैं, जमीन में लाभदायक जीवाणुओं की क्रियाशीलता में कमी आने से फसलों की पैदावार में कमी आ जाती है।
उन्होंने बताया कि फसल अवशेष को जुताई कर यंत्रों द्वारा जुताई कर मिट्टी में मिलाएं व यूरिया खाद डालकर सिंचाई करें फसल अवशेष कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट भी बना सकते हैं। इस अवसर पर डॉ अभिमन्यु यादव, डॉ अशोक कुमार, विनोद सचान, शिव भजन वर्मा, रविंद्र सिंह, शैलेंद्र, राजेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड परिसर में आयोजित बैठक में डॉ. यूएन पांडे ने बताया कि किसान आलू लगाने के साथ-साथ गेहूं की फसल बोने की तैयारी कर रहे हैं, गेहूं का बीज हमेशा प्रमाणित ही खरीदें घर में रखे हुए गेहूं की बुवाई बिल्कुल न करें, उन्होंने अंधाधुंध उर्वरकों के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। वैज्ञानिक चंद्रशेखर ने किसानों को फसल अवशेष को खेतों में जलाने से संबंधित हानियों के बारे में बताया, कहा कि आग लगाने से खेतों में मौजूद केंचुए मर जाते हैं, जमीन में लाभदायक जीवाणुओं की क्रियाशीलता में कमी आने से फसलों की पैदावार में कमी आ जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फसल अवशेष को जुताई कर यंत्रों द्वारा जुताई कर मिट्टी में मिलाएं व यूरिया खाद डालकर सिंचाई करें फसल अवशेष कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट भी बना सकते हैं। इस अवसर पर डॉ अभिमन्यु यादव, डॉ अशोक कुमार, विनोद सचान, शिव भजन वर्मा, रविंद्र सिंह, शैलेंद्र, राजेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन