Kanpur: युद्ध और टैरिफ भी नहीं रोक पाए शहर की रफ्तार; निर्यात में पांच से आठ प्रतिशत तक की वृद्धि का संकेत
Kanpur News: वैश्विक युद्ध और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद कानपुर ने स्पेन और चीन जैसे नए बाजारों के दम पर 8129 करोड़ का निर्यात कर अपनी आर्थिक मजबूती का परिचय दिया है।
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पिछले साल से शुरू हुए अमेरिकी टैरिफ के दंश और इस साल फरवरी में अमेरिका-ईरान और इस्राइल युद्ध के माहौल के बीच भी शहर के निर्यात में पांच से आठ प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वाणिज्यक एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच शहर से 8129 करोड़ का निर्यात किया गया। सबसे बड़े बाजार अमेरिका में निर्यात के रास्ते बंद हुए तो स्पेन, चीन, हांगकांग, यूएई और यूरोप के बाजार में निर्यात में अच्छी सफलता मिली है।
जानकारों का कहना है कि अप्रैल से जनवरी तक के ही आंकड़े अभी आए हैं। फरवरी और मार्च के आंकड़ों में 1500-1600 की वृद्धि का अनुमान है। यदि ऐसा होता है तो पिछले साल के बराबर ही निर्यात होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पिछले साल शहर से 10400 करोड़ का निर्यात किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया मार्च 2026 में स्पेन को (18.31 प्रतिशत), वियतनाम को (14.46 प्रतिशत), चीन को (12.37 प्रतिशत), श्रीलंका को (12.3 प्रतिशत), हांगकांग को (11.14 प्रतिशत), टोगो को (9.96 प्रतिशत), यूएई को (8.52 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम को (8.4 प्रतिशत) निर्यात किया गया।
पांच से आठ फीसदी की मध्यम वृद्धि दर्ज करने की संभावना
कनाडा को (6.7 प्रतिशत), अमेरिका को (5.84 प्रतिशत), बांग्लादेश को (5.32 प्रतिशत), जर्मनी को (5.31 प्रतिशत), फ्रांस को (4.41 प्रतिशत), पोलैंड को (3.21 प्रतिशत) नेपाल को (4.96 प्रतिशत) और रूसी संघ को (2.65 प्रतिशत) निर्यात किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक युद्ध चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में कानपुर के कुल निर्यात में पांच से आठ फीसदी की मध्यम वृद्धि दर्ज करने की संभावना है। इंजीनियरिंग सामान का निर्यात 12 से 14 फीसदी की वृद्धि के साथ संतुलित रहा।
पिछले साल की तुलना में निर्यात 413 करोड़ कम है
कपड़ा क्षेत्र में नौ से 11 फीसदी की वृद्धि देखी गई। उत्पादों की मांग यूरोप के बाजारों में देखी गई जिससे इसे समर्थन मिला। चमड़ा क्षेत्र को सात से नौ फीसदी की वृद्धि के बावजूद दबाव का सामना करना पड़ा। युद्ध के कारण लॉजिस्टिक्स में देरी और माल ढुलाई लागत में वृद्धि ने इस क्षेत्र को प्रभावित किया। खाड़ी देशों के बाजार पर भी असर पड़ा है। हालांकि अमेरिकी मांग से कुछ हद तक सुधार दिख रहा है। बताया गया कि पिछले साल जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक 8542 करोड़ का निर्यात हुआ। इस साल पिछले साल की तुलना में निर्यात 413 करोड़ कम है।
जारी आंकड़ों में टैरिफ और युद्ध के बीच भी शहर के निर्यात में पांच प्रतिशत की वृद्धि का संकेत है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच शहर से 8129 करोड़ का निर्यात हुआ है। इतनी चुनौतियों के बीच भी पिछले साल की तुलना में निर्यात में बहुत अधिक गिरावट नहीं आई। स्पेन, चीन, हांगकांग, वियतनाम जैसे देशों को निर्यात बढ़ा है। अगले महीने फरवरी और मार्च के आंकड़े आएंगे। उम्मीद जताई गई है कि कुल निर्यात पिछले साल के बराबर रह सकता है। -आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो)
प्रदेश सरकार निर्यातकों के निर्यात बढ़ाने के लिए नई नीति लेकर आई है। इसमें उत्पादों की विदेशी बाजारों में पहुंच से लेकर लॉजिस्टिक्स, प्रदर्शनी में शामिल होने तक के लिए छूट का प्रावधान किया गया है। एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल चमड़ा और टेक्सटाइल उद्योग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। टैरिफ और युद्ध से निर्यात ज्यादा प्रभावित होने की संभावना जताई गई थी, आंकड़े कम जरूर हैं लेकिन बहुत अधिक गिरावट नहीं है। -अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग, कानपुर