Kanpur: नारायण सिंह और अरिदमन को मिली जमानत, रिहा नहीं होंगे…अधिवक्ता ने कोर्ट में रखा था झूठा फंसाने का तर्क
Kanpur News: कोतवाली में दर्ज कारोबारी अपहरण, डकैती और रंगदारी मामले में आरोपी अधिवक्ता अरिदमन सिंह व नारायण सिंह भदौरिया को अदालत से जमानत मिल गई। हालांकि, अन्य मुकदमों में जमानत न मिलने से उनकी रिहाई फिलहाल नहीं हो सकेगी।
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कानपुर में कारोबारी के अपहरण, डकैती व रंगदारी वसूलने से संबंधित कोतवाली में दर्ज मुकदमे में आरोपी अधिवक्ता अरिदमन सिंह व नारायण सिंह भदौरिया को अपर जिला जज 20 नीलांजना की अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें व निजी मुचलका दाखिल करने पर दोनों को इस मुकदमे में रिहा करने के आदेश कर दिए हैं। हालांकि अन्य मुकदमों में जमानत न मिलने के कारण अभी दोनों की रिहाई नहीं हो सकेगी।
नवीन मार्केट स्थित कमाल फुटवियर के मालिक केशवनगर निवासी राकेश अरोड़ा ने 15 जून को कोतवाली में धीरज दुबे उर्फ ट्विंकल, नीरज दुबे उर्फ सोनू पंडित और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि दीनू उपाध्याय गैंग के सदस्य धीरज व नीरज अक्सर उसकी दुकान पर आकर बिना रुपये दिए सामान ले जाते थे। इन लोगों ने कहा कि दीनू ने दस लाख रुपये रंगदारी मांगी है।
सहअभियुक्तों को पहले ही मिल चुकी थी जमानत
न देने पर 17 सितंबर 2021 की रात यह लोग दुकान पर आए और 64500 रुपये लूट लिए। राकेश का अपहरण कर ले गए, बुरी तरह मारापीटा और हत्या की धमकी दी। इसी मुकदमे में विवेचना के दौरान अरिदमन सिंह और नारायण सिंह भदौरिया के नाम सामने आए थे। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दोनों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। इसमें झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। सहअभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। जमानत का आधार पर्याप्त पाते हुए कोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।