बदहाली: गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी, कंपनी की लापरवाही और अफसर बेपरवाह, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: कानपुर नगर निगम द्वारा छह करोड़ की लागत से नालों के पानी को शोधित करने की योजना में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। बर्रा-चार में बायोरैमिडिएशन के लिए लगी टंकियां खाली मिलीं, जिस पर मुख्य अभियंता ने जांच और जुर्माने के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
कानपुर में नगर निगम और ठेकेदार की मिलीभगत से गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी की जा रही है। सोमवार को बर्रा-4 में शास्त्री चौक के पास इस नाले में गंदगी अवशोषित करने वाले बैक्टीरिया युक्त रसायन नहीं डाला जा रहा था। इसके लिए वहां रखी टंकी भी सूखी नजर आई।
नगर निगम गंगा और पांडु नदी में गिर रहे रामेश्वर, रानी घाट, गंदा नाला, डबका नाला सहित 14 नालों के पानी को बाॅयोरेमेडिएशन विधि से शोधित करने के नाम पर छह करोड़ से ज्यादा खर्च कर रहा है। इस कार्य के लिए ठेका आर्गेनिक 121 साइंटफिक प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
गंदगी को अवशोषित करने में कंपनी खानापूरी कर रही
इस कंपनी ने इन नालों का गंदा पानी शोधित करने के लिए इनके किनारे 25 टैंक लगाए हैं और इनके नालों के आरपार पाइप डाले हैं, ताकि उनके माध्यम से बूंद-बूंद रसायन नालों में गिरता रहे और उसमें मौजूद बैक्टीरिया नाले की गंदगी को अवशोषित करते रहें, पर कंपनी खानापूरी कर रही है।
कई दिन से रसायन नहीं डाला गया
सोमवार शाम 5:36 बजे पड़ताल के दौरान शास्त्री चौक के पास बर्रा-चार और रतनलालनगर के बीच स्थित नीमेश्वर महादेव मंदिर के पास बाॅयोरेमेडिएशन के लिए लगी टंकी सूखी नजर आई। टंकी देखकर लग रहा था कि उसमें कई दिन से रसायन नहीं डाला गया है।
गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन न होने की जांच कराऊंगा। रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा। जिन नालों में बाॅयोरेमेडिएशन कराया जा रहा है, उन सभी की रिपोर्ट तलब की जाएगी। -एसएफए जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम