कानपुर: किसी मंदिर में चल रहा था होटल तो किसी में कारखाना, दो का अस्तित्व ही मिटा दिया, यहां दंग रह गईं महापौर
कर्नलगंज के छिपियाना में भी पांच मंदिरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से दो मंदिरों के स्थान पर प्लॉट पाए गए, एक मंदिर जर्जर पाया गया, एक मंदिर के स्थान पर बिल्डिंग बन गई थी।
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महापौर प्रमिला पांडेय ने बुधवार को कर्नलगंज क्षेत्र के पुराने सात मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किसी में बिल्डिंग तो किसी में होटल, कारखाना नजर आया। दो मंदिरों पर दबंगों ने कब्जा कर बिल्डिंग बनाने की नीयत से समतल करा दिया था, ताकि वहां प्लाट नजर आए। कोई भी कब्जेदार कागज तक नहीं दिखा सका।
महापौर एक हफ्ते से पुराने मंदिरों को संरक्षित करने के लिए अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय और पुलिस फोर्स के साथ चूड़ी मोहाल स्थित दो पुराने मंदिरों का निरीक्षण किया।
महापौर के अनुसार एक मंदिर के स्थान पर बिल्डिंग और दूसरे मंदिर के स्थान पर होटल मिला। होटल के तहखाने में कारखाना और तीसरी मंजिल में निवास बना था। कर्नलगंज में ही इंद्रा मार्केट में दो अन्य मंदिरों का भी निरीक्षण किया, उनमें से एक में ताला लगा था। ताला तोड़ने पर अंदर एसी के चार आउटडोर पाए गए।
यह मंदिर लक्ष्मीधर ट्रस्ट के नाम है, जिसके ट्रस्टी हर दयाल अग्रवाल, प्रभु दयाल अग्रवाल हैं। दूसरा मंदिर जर्जर पाया गया। कर्नलगंज के छिपियाना में भी पांच मंदिरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से दो मंदिरों के स्थान पर प्लॉट पाए गए, एक मंदिर जर्जर पाया गया, एक मंदिर के स्थान पर बिल्डिंग बन गई थी। एक अन्य मंदिर में चाय दुकान खुली थी तथा अंदर घर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। महापौर ने जोन-4 की प्रभारी से इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।