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कानपुर: बदहाल सड़कों को लेकर महापौर ने अधिकारियों की ली बैठक, बोलीं- चार माह में आठ महीने पीछे हो गया शहर
Mon, 21 Sep 2026 08:56 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 21 Sep 2026 08:56 PM IST
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महापौर प्रमिला पाण्डेय
- फोटो : अमर उजाला
शहर की बदहाल सड़कों और जलभराव को लेकर हो रही फजीहत पर महापौर प्रमिला पांडेय ने दूसरे जनप्रतिनिधियों को घेरा है। सोमवार को सड़कों की बदहाली और उनके निर्माण को लेकर महापौर ने नगर निगम मुख्यालय के समिति कक्ष में समीक्षा बैठक बुलाई। कहा कि 17 मई से पति भर्ती थे, मैं संकट में थी, इसलिए ध्यान नहीं दे सकी लेकिन दूसरे जनप्रतिनिधि क्या कर रहे थे। उनकी शहर को लेकर कोई जिम्मेंदारी नही है। अब इधर-उधर ज्ञापन दे रहे हैं, लापरवाही की वजह से इन चार महीनों में शहर आठ माह पीछे पहुंच गया। चुनाव सिर पर हैं और विपक्षी हावी हो रहे हैं।
महापौर प्रमिला पाण्डेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में जोनवार सड़कों की स्थिति और पैचवर्क की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर के छह जोन में 290 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनके पक्के पैचवर्क और मरम्मत पर करीब 34 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ज्यादातर टेंडर 15 प्रतिशत तक बिलो हुए हैं, कुछ ही सड़क कार्यों के टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो हैं। बताया कि जोन-1 में 18 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, इनका कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और पक्के के लिए टेंडर हो चुका है। यहां 1.08 करोड़ खर्च होंगे। जोन-2 में सबसे अधिक 131 सड़कें क्षतिग्रस्त मिली हैं।
इनमें 32 का टेंडर हो चुका है, जबकि बाकी की प्रक्रिया अलग-अलग तिथियों में होगी। यहां 16.42 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जोन-3 में 40 सड़कों के टेंडर पूरे हो चुके हैं और पैचवर्क पर 3.72 करोड़ खर्च होंगे। जोन-4 की 21 क्षतिग्रस्त सड़कों में सभी के टेंडर हो चुके हैं और सात सड़कों का काम पूरा भी हो गया है, यहां 2.77 करोड़ खर्च होंगे। जोन-5 में 43 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनमें 18 वार्डों में कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और 31 सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी हो गए हैं। इस पर 7.07 करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह, जोन-6 में 37 सड़कों में से 21 के टेंडर हो चुके हैं। यहां कुल 3.26 करोड़ की लागत से काम कराए जाएंगे। बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जलकल सचिव ईश्वर सिंह, जलकल जोन-2 के अधिशाषी अभियंता रामेंद्र पांडेय, जलकल जोन-3 के अधिशासी अभियंता सचिन सिंह यादव, जलकल जोन-5 के गंगा सागर, जलकल जोन-6 के सुशील कुमार आदि भी मौजूद रहे।
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महापौर प्रमिला पाण्डेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में जोनवार सड़कों की स्थिति और पैचवर्क की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर के छह जोन में 290 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनके पक्के पैचवर्क और मरम्मत पर करीब 34 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ज्यादातर टेंडर 15 प्रतिशत तक बिलो हुए हैं, कुछ ही सड़क कार्यों के टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो हैं। बताया कि जोन-1 में 18 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, इनका कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और पक्के के लिए टेंडर हो चुका है। यहां 1.08 करोड़ खर्च होंगे। जोन-2 में सबसे अधिक 131 सड़कें क्षतिग्रस्त मिली हैं।
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इनमें 32 का टेंडर हो चुका है, जबकि बाकी की प्रक्रिया अलग-अलग तिथियों में होगी। यहां 16.42 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जोन-3 में 40 सड़कों के टेंडर पूरे हो चुके हैं और पैचवर्क पर 3.72 करोड़ खर्च होंगे। जोन-4 की 21 क्षतिग्रस्त सड़कों में सभी के टेंडर हो चुके हैं और सात सड़कों का काम पूरा भी हो गया है, यहां 2.77 करोड़ खर्च होंगे। जोन-5 में 43 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनमें 18 वार्डों में कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और 31 सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी हो गए हैं। इस पर 7.07 करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह, जोन-6 में 37 सड़कों में से 21 के टेंडर हो चुके हैं। यहां कुल 3.26 करोड़ की लागत से काम कराए जाएंगे। बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जलकल सचिव ईश्वर सिंह, जलकल जोन-2 के अधिशाषी अभियंता रामेंद्र पांडेय, जलकल जोन-3 के अधिशासी अभियंता सचिन सिंह यादव, जलकल जोन-5 के गंगा सागर, जलकल जोन-6 के सुशील कुमार आदि भी मौजूद रहे।
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सरकार की छवि की खराब कर रहे अधिकारी
बैठक के बाद महापौर ने कहा कि ब्रह्मनगर चौराहा पर सड़क धंसने पर मौके पर जाकर अधिकारियों से चौराहा बनाने के लिए कहा था। सड़क को लेकर एक ही दिन में चार बार बैठक बुलाई लेकिन काम नहीं हुआ। जब शासन स्तर पर बात बिगड़ी तो मंडलायुक्त मौंके पर गए और रातों-रात सड़क बन गई। इससे जाहिर है कि अधिकारी काम कर सकते हैं लेकिन सरकार की छवि जानबूझकर कर खराब कर रहे हैं। इसी तरह, मकड़ीखेड़ा में भीषण जलभराव हुआ। हर बार मौके पर निरीक्षण करते थे, लेकिन हर बार अधिकारी कहते हैं कि जलभराव की समस्या अगले साल तक ठीक हो जाएगी। नतीजा यह है कि आज भी लोग परेशान हैं, सब हवा में हो रहा है।
बैठक के बाद महापौर ने कहा कि ब्रह्मनगर चौराहा पर सड़क धंसने पर मौके पर जाकर अधिकारियों से चौराहा बनाने के लिए कहा था। सड़क को लेकर एक ही दिन में चार बार बैठक बुलाई लेकिन काम नहीं हुआ। जब शासन स्तर पर बात बिगड़ी तो मंडलायुक्त मौंके पर गए और रातों-रात सड़क बन गई। इससे जाहिर है कि अधिकारी काम कर सकते हैं लेकिन सरकार की छवि जानबूझकर कर खराब कर रहे हैं। इसी तरह, मकड़ीखेड़ा में भीषण जलभराव हुआ। हर बार मौके पर निरीक्षण करते थे, लेकिन हर बार अधिकारी कहते हैं कि जलभराव की समस्या अगले साल तक ठीक हो जाएगी। नतीजा यह है कि आज भी लोग परेशान हैं, सब हवा में हो रहा है।
अधिकतर सड़कें पीडब्ल्यूडी की
महापौर ने कहा कि जाजमऊ में जटेटा के कार्य की वजह बड़ा गड्ढ़ा हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी फोटो लगाकर चलाया गया। लोग नगर निगम को दोषी ठहरा रहे हैं, जब कि जटेटा डीएम के अधिनस्थ आता है। इसी तरह शहर की आधी सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं, लेकिन नाम नगर निगम का खराब होता है, लोग नगर निगम को कोस रहे हैं। भ्रामक जानकारी प्रसारित करने पर अब एफआईआर करेंगे। मानते हैं कि पूरा शहर मेरा है, इससे पीछे नहीं हट रहे।
सीएम ग्रिड की पांच सड़कों पर 185.66 करोड़ का काम
बैठक में सीएम ग्रिड की सड़कों की भी समीक्षा हुई।अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पांच सड़कों पर 185.66 करोड़ की लागत से काम चल रहा है। पहले चरण में शासन से 46 करोड़ रुपये मिले थे। सीवर और वाटर लाइन शिफ्टिंग के प्रावधान नहीं होने से 15वें वित्त आयोग से 34 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि बारिश का मौसम खत्म हो चुका है, इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क तेजी से पूरा कराया जाए। सीएम ग्रिड के कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
गलत रिपोर्ट देने पर नगर आयुक्त ने दी चेतावनी
बैठक में अधिकारी गलत जानकारी लेकर पहुंच गए। इस पर महापौर ने नाराजगी जताई और कहा कि अधिकारी कम काम का बढ़ा एस्टीमेट लेकर आ गए। नगर आयुक्त ने बताया कि सड़कों के निर्माण को लेकर गलत रिपोर्ट पेश करने पर जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को चेतावनी जारी की है। समय से सड़कों को बनाने के निर्देश दिए हैं।
महापौर ने कहा कि जाजमऊ में जटेटा के कार्य की वजह बड़ा गड्ढ़ा हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी फोटो लगाकर चलाया गया। लोग नगर निगम को दोषी ठहरा रहे हैं, जब कि जटेटा डीएम के अधिनस्थ आता है। इसी तरह शहर की आधी सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं, लेकिन नाम नगर निगम का खराब होता है, लोग नगर निगम को कोस रहे हैं। भ्रामक जानकारी प्रसारित करने पर अब एफआईआर करेंगे। मानते हैं कि पूरा शहर मेरा है, इससे पीछे नहीं हट रहे।
सीएम ग्रिड की पांच सड़कों पर 185.66 करोड़ का काम
बैठक में सीएम ग्रिड की सड़कों की भी समीक्षा हुई।अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पांच सड़कों पर 185.66 करोड़ की लागत से काम चल रहा है। पहले चरण में शासन से 46 करोड़ रुपये मिले थे। सीवर और वाटर लाइन शिफ्टिंग के प्रावधान नहीं होने से 15वें वित्त आयोग से 34 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि बारिश का मौसम खत्म हो चुका है, इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क तेजी से पूरा कराया जाए। सीएम ग्रिड के कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
गलत रिपोर्ट देने पर नगर आयुक्त ने दी चेतावनी
बैठक में अधिकारी गलत जानकारी लेकर पहुंच गए। इस पर महापौर ने नाराजगी जताई और कहा कि अधिकारी कम काम का बढ़ा एस्टीमेट लेकर आ गए। नगर आयुक्त ने बताया कि सड़कों के निर्माण को लेकर गलत रिपोर्ट पेश करने पर जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को चेतावनी जारी की है। समय से सड़कों को बनाने के निर्देश दिए हैं।