कानपुर महायोजना-2031: विकास कार्यों से बदलेगी 80 राजस्व गांवों की तस्वीर, पांच तहसीलों में सर्वे-सत्यापन शुरू
Kanpur News: केडीए की महायोजना-2031 के तहत शामिल किए गए 80 नए राजस्व गांवों के लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। शनिवार को केडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला प्रशासन, केस्को, पुलिस, अग्निशमन और सिंचाई सहित 18 विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
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कानपुर में महायोजना -2031 के तहत केडीए के विकास कार्यों से 80 राजस्व गांवों की तस्वीर बदलेगी। शनिवार को विकास प्राधिकरण ने इन गांवों के करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए बैठक की। मास्टर प्लान-2031 की तैयारी के लिए पहली बार हुई बैठक में जिला प्रशासन, केस्को, पुलिस, अग्निशमन, फायर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
केडीए उपाध्यक्ष ने सभी विभागों से इन गांवों में उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से जमीन की जरूरत आदि की जानकारी मांगी। इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इन 80 गांवों को पिछले साल केडीए ने शामिल कर लिया था। कानपुर नगर और देहात जिले की पांच तहसीलों के इन राजस्व गांव में टाउन प्लानिंग, जीआईएस और कंसलटेंट एजेंसी वीके सुप्रीम के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने फील्ड सर्वे और ग्राउंड सत्यापन शुरू कर दिया है।
इस आधार पर भविष्य की रूपरेखा तय होगी
बैठक में केडीए के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे में गांवों की मौजूदा आबादी, सड़क नेटवर्क, वर्तमान भू-उपयोग, कॉलोनियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य प्रमुख निर्माणों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर क्षेत्र में भविष्य के आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और अन्य उपयोगों की रूपरेखा तय की जाएगी।
पहले से स्थापित सुविधाओं में भी होगा सुधार
यह भी बताया गया कि मास्टर प्लान में केवल भविष्य में होने वाले निर्माण ही नहीं बल्कि पहले से स्थापित सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। विस्तारित क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासीय कॉलोनियों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। इनके आसपास के विकास, सड़क और यातायात व्यवस्था तथा नियोजन मानकों को देखते हुए भविष्य के भू-उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
मास्टर प्लान में इनका होगा निर्धारण
मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक, सड़क एवं परिवहन, पार्क और खुले क्षेत्र समेत विभिन्न भू-उपयोग निर्धारित किए जाएंगे। केडीए में हुई बैठक का संचालन केडीए सचिव अभय पांडेय ने किया। इसमें एडीएम (सिटी), केडीए की कार्यवाहक मुख्य नगर नियोजक के साथ ही पुलिस, यातायात विभाग, अग्निशमन विभाग, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के 18 अधिकारी शामिल हुए।
यह हैं पांच तहसीलों के 80 गांव
- कानपुर सदर: हरदौली, टीकर मघई।
- नर्वल: अमौर, कुंदाैली, चिरली, तरगांव नर्वल, तेलियावर, बेहटा गंभीरपुर, रसूलपुर जाजमऊ, राजेपुर, लक्षमनखेड़ा, सेमरा, बड़ा गांव, कुशमरा, महोली, नौगांव गौतम, पुरवामीर, सिकठिया और तिवारीपुर सलेमपुर।
- बिल्हौर: अमिलिहा, आलमपुर, इटरा, इन्दलपुर जाजमऊ, उमरी, कुर्मीखेड़ा कलां, गजेनपुर, गोगूमऊ, गोविन्देपुर, चककाजी अचलीहा, चक गोविन्देपुर, चक बेला, चक हजरतपुर, चौधरीपुर, चौबेपुर पच्छिम, ताजपुर, तिघरा, दरियापुर बिठूर, दिलावरपुर टोसवा, देवपालपुर, नाढ़ूपुर, नाथूपुर, पीरकपुर, पूरा गनू, विषुनपुर, बूढ़नपुर, बैदानी, भिखारीपुर, मकरन्दपुर, महाराजपुर, मालौं, राय गोपालपुर, रामपुर किशोर सिंह, रुद्रापुर, सराय छीतम, हरदासपुर, हृदयपुर मजरा गोगूमऊ और पूरा सुबंश।
- अकबरपुर (कानपुर देहात): गोईनी, फतेहपुर रोशनाई (पार्ट), रायपुर कुकहट (पार्ट), शेरपुर तरौदा (पार्ट), चकसरवल, चिरौरा (पार्ट), देवकली, धन्जुवा (पार्ट), बिसायकपुर (पार्ट) और मुबारकपुर लाटा (पार्ट)।
- मैथा (कानपुर देहात): खरगपुर बिठूर, चक टोडपुर, चक रतनपुर, टोडपुर, ढिकिया, पिटरापुर, भाऊपुर, मलिकपुर, रास्तपुर, रंजीतपुर, शेखपुर, सिंहपुर दिवनी और हृदयपुर म० प्रतापपुर।
- महायोजना-2021 के तहत केडीए क्षेत्र के गांव- 386 (इसमें कानपुर नगर, देहात और उन्नाव जिले के गांव शामिल हैं)। इन गांवों का क्षेत्रफल - 983.24 वर्ग किलोमीटर।