Kanpur: लखनऊ अग्निकांड के बाद केडीए की बड़ी कार्रवाई, काकादेव के 22 कोचिंग सेंटर सहित 32 व्यावसायिक भवन सील
Kanpur News: लखनऊ हादसे के बाद केडीए प्रवर्तन दस्ते ने कोचिंग मंडी में अभियान चलाकर कार्रवाई की।
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बेसमेंट में एक साथ बैठे 60 से 70 छात्र, आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता। न तो अग्निशमन यंत्र और न ही हवा आने के लिए कोई रास्ता। शहर की कोचिंग मंडी कहे जाने वाले काकादेव में मंगलवार सुबह जब कानपुर विकास प्राधिकरण केडीए की टीम पहुंची तो इस तरह का कोचिंग संचालक बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करते मिले। इस पर मानकों के विपरीत बेसमेंट में चल रहे 32 प्रतिष्ठान सील कर दिए। इनमें 22 कोचिंग सेंटर और एक जोन चार का कोचिंग सेंटर है।
केडीए अधिकारियों ने मंगलवार को भी सभी जोन में अभियान चलाया। प्रवर्तन टीम केडीए सचिव अभय पांडेय के नेतृत्व में सुबह 11:00 बजे काकादेव कोचिंग मंडी पहुंची। केडीए टीम व पुलिस फ़ोर्स देख कई कोचिंग संचालक प्रतिष्ठान पर ताला डालकर भाग निकले। मानक के विपरीत चल रहे 22 कोचिंग सील की। इसके बाद केडीए के प्रवर्तन दस्ते ने जोन-2बी, 3, 4, 1ए, 1बी में भी सीलिंग की कार्रवाई की।
जोन चार में भी छह प्रतिष्ठान सील किए गए। इसमें एक कोचिंग सेंटर है। इस तरह पूरे शहर में कुल 32 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में विशेष कार्याधिकारी बृजेंद्र उपाध्याय, सत शुक्ला, रवि प्रताप सिंह, सहायक अभियंता अतुल कुमार राय, संदीप मोदनवाल, सीबी पांडेय, अवर अभियंता अमर नाथ यादव, रमाकांत, हिमांशु बर्नवाल, अर्पण सिंह, अटल चतुर्वेदी रहे।
विद्यापीठ, फ़िजिक्स वाला, संजीव राठौर, वर्क स्पेस कोचिंग, अंकित सर इंस्टीट्यूट, वी-1 इंस्टीट्यूट, अचीवर्स इंस्टीट्यूट, अड्डा-247, अर्थ एंड स्टार्ट कोचिंग, पुष्पांजलि, कक्स एकेडमिक व लीगल एज क्लेड कोचिंग आदि।
काकादेव, बर्रा-2, विश्व बैंक बर्रा, लालबंगला, कल्याणपुर, लखनपुर, किदवईनगर, स्वराजनगर पनकी, नौबस्ता मछरिया, दहेली सुजानपुर आदि।
सोमवार को 16 कोचिंग सेंटर सील कर 22 चिह्नित किए गए थे। मंगलवार को 32 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। खास बात यह कि सील किए गए सभी कोचिंग सेंटर मानकों के विपरीत संचालित थे। सीढ़ियां इतनी पतली थी कि एक साथ दो लोग भी नहीं निकल सकते, अग्निशमन यंत्र भी नहीं थे।
लखनऊ की घटना के बाद चार टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। काकादेव क्षेत्र में कोचिंग सेंटर किए गए हैं। साथ ही, जिन भवनों में थोड़ी बहुत कमी मिली है उन्हें नोटिस देकर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी संचालन दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। बेसमेंट में कोचिंग संचालन हो रहा है। बच्चों के भविष्य से ज्यादा उनकी जान के खतरे को लेकर विभाग चिंतित हैं। कोचिंग संचालन सेफ्टी ऑडिट भवनों में हो यह सुनिश्चित किया जा रहा है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। - अभय कुमार पांडेय, केडीए सचिव